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जेएनयू की 11 छात्राओं की शिकायतों पर भाजपा महिला मोर्चा ने राष्ट्रीय महिला आयोग से कार्रवाई की माँग की

जेएनयू की 11 छात्राओं की शिकायतों पर भाजपा महिला मोर्चा ने राष्ट्रीय महिला आयोग से कार्रवाई की माँग की

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की 11 छात्राओं द्वारा दायर की गई कथित दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों के संदर्भ में राष्ट्रीय महिला आयोग से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने की माँग की है। भाजपा महिला मोर्चा के राष्ट्रीय प्रमुख ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं के खिलाफ हो रहे इन गंभीर आरोपों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता और संबंधित मामलों की पूरी जांच के बाद उचित सजा दिलवाने की आवश्यकता है। इस दौरान कांग्रेस सांसद और जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमो ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिये सभी संस्थानों को कड़े नियमों का पालन करना चाहिए और किसी भी प्रकार की लैंगिक हिंसा को सख्त दंड के तहत लाया जान...
भारत में वामपंथी वैचारिकी, विश्वविद्यालयी आंदोलन और नक्सली समर्थन

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लेख
शहर, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star Newsभारत का लोकतंत्र अपनी विविधता, मतभिन्नता और खुली बहस की परंपरा के कारण विश्व में विशिष्ट रहा है। किंतु पिछले दो दशकों में एक ऐसी वैचारिक धारा विकसित हुई है, जिसने विश्वविद्यालयों, वामपंथी छात्र संगठनों, शहरी बुद्धिजीवी समूहों और माओवादी हिंसा को व्यापक वैचारिक सूत्र में पिरो दिया है। यह विमर्श केवल छात्र-राजनीति या असहमति तक सीमित नहीं; यह राज्य-विरोध, पहचान की राजनीति, ‘क्रांतिकारी प्रतिरोध’ की संस्कृति और अंततः माओवादी सशस्त्र संघर्ष तक फैला सुनियोजित नैरेटिव बन चुका है। सबसे स्पष्ट उदाहरण दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय- जेएनयू और जामिया मिल्लिया इस्लामिया तथा हैदराबाद एवं कलकत्ता विश्वविद्यालय हैं, जहाँ विमर्श का झुकाव धीरे-धीरे राष्ट्रीय दृष्टिकोण से हटकर एक प्रकार के वैचारिक अराजकवाद की ओर दिखाई देता है। जेएनयू में एसएफआई, एआईएसए, डी...