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इतिहास में 11 फरवरी: जनता की ताकत और सत्ता परिवर्तन का गवाह बना यह दिन

इतिहास में 11 फरवरी: जनता की ताकत और सत्ता परिवर्तन का गवाह बना यह दिन

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नई दिल्ली, 11 फरवरी | न्यूज़ एजेंसी 11 फरवरी का दिन विश्व इतिहास में राजनीतिक बदलाव, जनआंदोलनों और सत्ता परिवर्तन का प्रतीक रहा है। इस तारीख ने अलग-अलग दौर और महाद्वीपों में ऐसे ऐतिहासिक क्षण देखे, जिन्होंने देशों की राजनीतिक दिशा ही बदल दी। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद विरोधी संघर्ष के प्रतीक Nelson Mandela को 11 फरवरी 1990 को 27 वर्षों की लंबी कैद के बाद रिहा किया गया। 1964 में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले मंडेला की रिहाई ने रंगभेद के अंत और लोकतांत्रिक दक्षिण अफ्रीका की नींव को मजबूत किया। ईरान के इतिहास में भी यह दिन निर्णायक रहा। 11 फरवरी 1979 को Ayatollah Ruhollah Khomeini ने इस्लामी क्रांति के बाद सत्ता पर निर्णायक नियंत्रण स्थापित किया। इसी के साथ ईरान में सदियों पुरानी राजशाही का अंत हुआ और इस्लामी गणराज्य की स्थापना हुई। जनआंदोलनों की ताकत का एक और उदाहरण 11 फरवरी ...
‘माँ पूर्णागिरी स्वयं सहायता समूह’ बना महिला सशक्तिकरण का प्रतीक

‘माँ पूर्णागिरी स्वयं सहायता समूह’ बना महिला सशक्तिकरण का प्रतीक

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चंपावत, 13 अक्टूबर (हि.स.)। चंपावत के टनकपुर स्थित थ्वालखेड़ा क्षेत्र में मां पूर्णागिरी स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित इस 13 सदस्यीय महिला समूह ने स्थानीय किसानों से कृषि उत्पाद खरीदकर उन्हें उचित मूल्य पर बेचने की पहल की है। इससे किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल रहा है, वहीं ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित हुए हैं। हाल ही में समूह ने स्थानीय किसानों से 18 क्विंटल धान खरीदा है। इसे खुले बाजार में उचित मूल्यै पर बेचने की तैयारी चल रही है। इस कदम से किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा, जबकि समूह की सदस्य महिलाओं को आर्थिक मजबूती के साथ-साथ व्यावसायिक प्रबंधन का अनुभव भी प्राप्त होगा। समूह की अध्यक्ष माया मेहर ने बताया कि इससे पहले उन्होंने स्...
गुजरात के डांग जिले की मंगीबेन को प्राकृतिक खेती ने बनाया लखपति दीदी

गुजरात के डांग जिले की मंगीबेन को प्राकृतिक खेती ने बनाया लखपति दीदी

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गांधीनगर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। गुजरात के डांग जिले की मंगीबेन को कृषि विकास दिवस, प्राकृतिक खेती ने लखपति दीदी बना दिया है। प्राकृतिक सौंदर्य से लकदक डांग जिला चार वर्ष पहले संपूर्ण रूप से रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती वाला जिला घोषित हो चुका है। तब से यह पहल आदिवासी किसानों के जीवन में एक शानदार बदलाव लेकर आई है। 07 अक्टूबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा और समर्पण के 24 वर्ष पूरे होने पर गुजरात 7 से 15 अक्टूबर तक विकास सप्ताह मना रहा है। इसके अंतर्गत राज्य में कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति को ध्यान में रखते हुए 14 अक्टूबर का दिन ‘कृषि विकास दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। राज्य सूचना विभाग ने अपने बयान में बताया कि जब भी प्राकृतिक कृषि की बात होती है तो एक अभियान का नाम अनायास ही जुबान पर आता है, वो है ‘आपणुं डांग, प्राकृतिक डांग’ यानी ‘हमारा डांग, प्राकृतिक डांग।’ इस अभिया...
आईआईटी मंडी में ‘अभियंता 1.0 इनोवेशन चैलेंज’ की शुरुआत, भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

आईआईटी मंडी में ‘अभियंता 1.0 इनोवेशन चैलेंज’ की शुरुआत, भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

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मंडी, 12 अक्टूबर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘अभियंता 1.0 इनोवेशन चैलेंज’ शुरू किया है। इस पहल के तहत ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है जो देश के वैज्ञानिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देंगे। इनमें भ्रूण की हृदय गति की निगरानी करने वाला डिवाइस, बुजुर्गों के लिए स्मार्ट एयरबैग सिस्टम, त्वचा रोग पहचान प्रणाली, स्ट्रोक पुनर्वास उपकरण और डिजिटल टेलीमेडिसिन जैसे कई नवाचार शामिल हैं। यह चैलेंज भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया को समर्पित है, जिनकी जन्मतिथि के अवसर पर यह कार्यक्रम शुरू किया गया। इसका उद्देश्य देश में “मेक इन इंडिया” से आगे बढ़कर “इनोवेट इन इंडिया” की अवधारणा को साकार करना है। आईआईटी मंडी की इनोवेशन हब (iHub) और ह्यूमन कंप्यूटर इंटरैक्शन फाउंडेशन (HCI) द्वारा आयोजित इस पहल से युवा इंजीनियर और शोधकर्ता 10 प्रमुख क्षे...
आधुनिक तकनीक से खेती को लाभकारी बनाएंगे किसान : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

आधुनिक तकनीक से खेती को लाभकारी बनाएंगे किसान : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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ऊधमसिंह नगर, 12 अक्टूबर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक विधियों के प्रयोग से किसान अपनी खेती को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि मेले जैसे आयोजन किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान का मजबूत माध्यम हैं, जो राज्य की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देंगे। मुख्यमंत्री धामी रविवार को पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 118वें अखिल भारतीय किसान मेला और कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद किसानों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण और “पंतनगर प्रवाह” पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के कृषि मेले में 400 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें 200 से अधिक देशभर के कृषि उद्योगों, स्टार्टअप्स और उद्यमिय...
सिरमौर के पर्यावरण प्रेमी विजय कुमार आजाद को मिला राष्ट्रीय पर्यावरण आइकॉन अवॉर्ड

सिरमौर के पर्यावरण प्रेमी विजय कुमार आजाद को मिला राष्ट्रीय पर्यावरण आइकॉन अवॉर्ड

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नाहन, 12 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के संगड़ाह उपमंडल के सियूं गांव के पर्यावरण कार्यकर्ता विजय कुमार आजाद को पर्यावरण संरक्षण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण आइकॉन राष्ट्रीय अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान फरीदाबाद स्थित मैजिक बुक ऑफ रिकॉर्ड फाउंडेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। समारोह में देशभर से समाज सेवा, शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता, चिकित्सा, उद्योग, कला-संस्कृति, अभिनय और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लगभग 100 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। विजय कुमार आजाद पिछले कई वर्षों से प्राकृतिक संतुलन और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जंगली कैथं के पौधों में सेब, नाशपाती और आड़ू की ग्राफ्टिंग कर खेती में एक नया नवाचार प्रस्तुत किया है। साथ ही व...
खेती में बदलाव की अग्रदूत बन रही हैं महिलाएं, प्राकृतिक खेती से सशक्त हो रहा ग्रामीण भारत

खेती में बदलाव की अग्रदूत बन रही हैं महिलाएं, प्राकृतिक खेती से सशक्त हो रहा ग्रामीण भारत

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नई दिल्ली, 12 अक्टूबर। भारत में खेती के क्षेत्र में अब महिलाएं नवाचार और परिवर्तन की नई कहानी लिख रही हैं। वे केवल खेतों की मेहनतकश नहीं रहीं, बल्कि अब वे कृषि नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की बागडोर संभाल रही हैं। आज की महिला किसान खेती को परंपरा, विज्ञान और संवेदना के संगम से आगे बढ़ा रही हैं। भारत की कृषि व्यवस्था में लंबे समय से पुरुषों का प्रभुत्व रहा है, लेकिन अब महिलाएं उस बदलाव की अग्रदूत बन रही हैं, जिसे ‘साइलेंट इनोवेशन’ कहा जा सकता है। वे मिट्टी की नमी से लेकर बीजों की गुणवत्ता तक, हर पहलू को अपनी समझ से दिशा दे रही हैं। महिलाओं के इस नेतृत्व की सबसे बड़ी मिसाल प्राकृतिक खेती है — एक ऐसा आंदोलन जो अब पूरे देश में फैल रहा है। देशी गाय के गोबर, गोमूत्र, जीवामृत और बीजामृत से चलने वाली यह खेती न केवल मिट्टी को फिर से उपजाऊ बना रही है बल्कि किसानों को रासायनिक उर्वरकों ...
कृषि में नवाचार, निवेश और बाजार विस्तार से किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : प्रधानमंत्री मोदी

कृषि में नवाचार, निवेश और बाजार विस्तार से किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : प्रधानमंत्री मोदी

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नई दिल्ली, 12 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को आत्मनिर्भर और विकसित भारत का प्रमुख वाहक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नवाचार, निवेश और बाजार पहुँच के माध्यम से भारत के कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने शनिवार को नई दिल्ली में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़ी 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दो महत्वपूर्ण योजनाओं — पीएम धन धान्य कृषि योजना और दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन — का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ये दोनों योजनाएं आत्मनिर्भर भारत, ग्रामीण सशक्तिकरण और कृषि नवाचार के नए युग की शुरुआत करेंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “सरकार ने बीज से लेकर बाजार तक किसानों के हित में व्यापक सुधार किए हैं। ये सुधार भारतीय कृषि को आधुनि...
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में रावण दहन नहीं होता, किया जाता है वध

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में रावण दहन नहीं होता, किया जाता है वध

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कोंडागांव, 2 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के भूमका और हिरीं गांवों में विजयादशमी पर रावण दहन नहीं होता बल्कि एक अनूठी परंपरा निभाई जाती है। दशहरे पर जहां देशभर में रावण के पुतले जलाए जाते हैं, वहीं इन गांवों में मिट्टी का विशाल रावण के पुतले का दहन नहीं करते बल्कि मिट्टी से बने रावण का तोड़कर उसका वध करते हैं। इस सदियों पुरानी परंपरा में रावण की नाभि से 'अमृत' निकालने का विधान है। गांव के लोग मिट्टी का रावण बनाते हैं। रामलीला के मंचन के बाद रावण वध किया जाता है। इस दौरान रावण की नाभि से एक तरल पदार्थ, जिसे ग्रामीण 'अमृत' मानते हैं, निकाला जाता है। ग्रामीण इसे अपने माथे पर तिलक लगाकर स्वयं को पवित्र मानते हैं। उनके मुताबिक, यह तिलक शुभ फल देने वाला और समृद्धि का प्रतीक है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। यह परंपरा कोंडागांव के दशहरे को एक विशेष पहचान देती है। स्थानीय ग्रामीण ...
भारत नवाचार का लोकतंत्रीकरण कर रहा है, इसे प्रत्येक नागरिक के लिए बना रहा है सुलभ: पेम्मासानी चंद्रशेखर

भारत नवाचार का लोकतंत्रीकरण कर रहा है, इसे प्रत्येक नागरिक के लिए बना रहा है सुलभ: पेम्मासानी चंद्रशेखर

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कहा-राष्ट्रीय मानसिकता में सकारात्मक बदलाव देश के एआई नवाचार को आगे बढ़ा रहा है नई दिल्‍ली, 08 अक्‍टूबर (हि.स)। केंद्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय मानसिकता में सकारात्मक बदलाव से कृत्रिम मेधा, क्वांटम प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी में प्रगति को बढ़ावा मिल रहा है। भारत नवाचार को प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ बनाकर इसे एक जन आंदोलन में बदल रहा है। केंद्रीय संचार राज्य मंत्री ने नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 के अवसर पर “कनेक्टिविटी से परे: कल के नवाचार के इंजनों का लोकतंत्रीकरण” शीर्षक से एक सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। डॉ. पेम्मासनी चंद्रशेखर ने कहा कि कहा कि भारत नवाचार को एक विशिष्ट प्रयास से जनांदोलन में बदल रहा है। डॉ. चंद्रशेखर ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में...