देशभक्ति पर तकरार क्यों? राहुल गांधी का बढ़ता आत्मविश्वास क्या कोई राजनीतिक संदेश है?
सौरभ वार्ष्णेयदेशभक्ति किसी राजनीतिक दल या विचारधारा की बपौती नहीं है। यह संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र के प्रति नागरिकों की निष्ठा से जुड़ी भावना है। फिर आखिर देशभक्ति को लेकर राजनीतिक तकरार क्यों ? क्या राष्ट्रप्रेम का प्रमाण एक-दूसरे पर आरोप लगाकर और बहस की चुनौती देकर दिया जाएगा? भारतीय राजनीति में इन दिनों जिस तरह बयानबाजी और कटाक्ष का दौर तेज हुआ है, उसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बदला हुआ राजनीतिक तेवर विशेष चर्चा का विषय बन गया है।
देश में कथित वोट चोरी और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर विपक्षी आंदोलन शुरू होने के बाद राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर हैं। अब उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री को सीधे बहस की चुनौती देकर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ा दी है। राजनीति में एक-दूसरे पर कटाक्ष करना और सवाल उठाना नई बात ...









