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पॉलिटिक्स

देशभर में प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान, बोले – छात्रों का फायदा उठा रहे राहुल गांधी

देशभर में प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान, बोले – छात्रों का फायदा उठा रहे राहुल गांधी

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) समेत कई शहरों में छात्रों और युवाओं का गुस्सा चरम पर है। इसी बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने कहा है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) छात्रों का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने सरकार की जवाबदेही की तरफ संकेत करते हुए कहा, हमें युवाओं और छात्रों के लिए इनके गुस्से से कहीं अधिक करने की जरूरत है। प्रधान का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party- CJP) और कांग्रेस पार्टी समेत कई दलों के नेता और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं। आज प्रधानमंत्री आवास के पास भी प्रदर्शन किया गया। क्या शिक्षा मंत्री के बयान में सरकार के रवैये का संकेत?प्रधान ने कहा, हमारी सरकार नीट पर चर्चा करने और सदन में हमारे युवाओं की हर सही चिंता को दूर करने के लिए सौ फीसदी प्रतिबद्ध है। भारत के छात्र राजनीतिक अभिय...
भारत में धरना-प्रदर्शन के क्या हैं नियम? कब लेनी पड़ती है पुलिस की अनुमति और क्या कहता है संविधान

भारत में धरना-प्रदर्शन के क्या हैं नियम? कब लेनी पड़ती है पुलिस की अनुमति और क्या कहता है संविधान

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार माना जाता है। भारत का संविधान भी लोगों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने की स्वतंत्रता देता है। हालांकि यह अधिकार पूर्णतः असीमित नहीं है। सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शन, रैली या मार्च आयोजित करने से पहले कई मामलों में प्रशासनिक अनुमति लेना आवश्यक होता है। हाल के दिनों में संसद मार्च और धरना-प्रदर्शन को लेकर उठे विवादों के बाद यह सवाल फिर चर्चा में है कि भारत में प्रदर्शन के लिए क्या नियम हैं और पुलिस किन परिस्थितियों में अनुमति देने या रोक लगाने का अधिकार रखती है। संविधान क्या अधिकार देता है? भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है। वहीं अनुच्छेद 19(1)(b) नागरिकों को ब...
दतिया में आमने-सामने आए जीतू पटवारी और भाजपा प्रत्याशी, चुनाव प्रचार के बीच हुई तीखी नोकझोंक

दतिया में आमने-सामने आए जीतू पटवारी और भाजपा प्रत्याशी, चुनाव प्रचार के बीच हुई तीखी नोकझोंक

पॉलिटिक्स, मध्य प्रदेश
दतिया। मध्य प्रदेश में चुनावी माहौल के बीच दतिया विधानसभा क्षेत्र के चिरुला गांव में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच दिलचस्प राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। कांग्रेस की एक चुनावी सभा समाप्त होने के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का काफिला वहां से गुजरा, तभी दोनों दलों के नेताओं के बीच कुछ देर तक बातचीत और राजनीतिक तंज का दौर चला। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। कांग्रेस सभा के बाद हुआ आमना-सामना जानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी गांव में सभा को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उन्होंने वहां से गुजर रहे भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को आवाज देकर अपने पास बुलाया। दोनों नेताओं ने पहले सामान्य बातचीत की, लेकिन कुछ ही देर में चर्चा चुनावी आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई। 'बिना मिले जा रहे हैं' कहकर की बातचीत क...
संसद का मॉनसून सत्र आज से…. राम मंदिर चढ़ावा, एथनॉल और NEET जैसे मुद्दों पर हंगामे के आसार

संसद का मॉनसून सत्र आज से…. राम मंदिर चढ़ावा, एथनॉल और NEET जैसे मुद्दों पर हंगामे के आसार

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। संसद (Parliament) का मॉनसून सत्र (Monsoon Session) सोमवार से शुरू होने जा रहा है और सत्तापक्ष और विपक्ष (Opposition) की रणनीति को देखते हुए इसके हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक और लोकसभा (Lok Sabha) की कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा को लेकर मतभेद सामने आए। विपक्षी दलों ने अयोध्या के राम मंदिर (Ayodhya's Ram Mandir) से जुड़े कथित चढ़ावा, नीट प्रश्नपत्र लीक, एथनॉल नीति, मणिपुर की स्थिति, किसानों और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली समेत कई विषयों पर चर्चा की मांग की। जबकि, सरकार ने दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की। 8 विधेयकों के साथ सरकार तैयारसंसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि मॉनसून सत्र के लिए आठ विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं और यद...
NCP सांसद सुप्रिया सुले वॉयस रेस्ट पर… दो सप्ताह तक न कुछ बोलेंगी, न बैठकों में जाएंगी

NCP सांसद सुप्रिया सुले वॉयस रेस्ट पर… दो सप्ताह तक न कुछ बोलेंगी, न बैठकों में जाएंगी

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
मुम्बई। सोमवार से संसद (Parliament) के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) की शुरुआत होने वाली है। इससे ठीक पहले महाराष्ट्र (Maharashtra) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party- NCP) के मुखिया शरद पवार (Sharad Pawar) की बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने पूरी तरह से मीडिया से दूरी बना ली है। इस दौरान ना तो वह किसी चैनल से बात करेंगी और ना ही किसी तरह का प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। इस दौरान वह किसी रैली को भी संबोधित नहीं करेंगी। आपको बता दें कि सुप्रिया ने खुद इसकी जानकारी दी है। सुप्रिया सुले के मुताबिक, डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने पूरी तरह से वॉयस रेस्ट यानी कि आवाज को आराम देने का फैसला किया है। पिछले कुछ दिनों से कई राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहीं सुप्रिया सुले अगले एक से दो सप्ताह तक न तो कोई भाषण देंगी और न ही मीडिय...
मॉनसून सत्र में अहम बिल पास कराने की तैयारी….बहुमत के लिए विपक्षी दलों से दोस्ती बढ़ा रही सरकार!

मॉनसून सत्र में अहम बिल पास कराने की तैयारी….बहुमत के लिए विपक्षी दलों से दोस्ती बढ़ा रही सरकार!

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। संसद (Parliament) के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) के पहले सरकार ने विपक्षी खेमे के कई दलों के साथ दोस्ती बढ़ा दी है। सत्र के दौरान संविधान संशोधन (Constitutional Amendment) समेत विभिन्न विधेयकों पर समर्थन की संभावना वाले इन दलों के खिलाफ भाजपा या उसके किसी घटक दल की तरफ से न तो कोई आरोप लगाया जाएगा और न ही कोई विवादित बयान दिए जाएंगे। एनडीए के सभी दलों के नेताओं को कहा गया है कि वे कांग्रेस और सपा के अलावा विपक्ष के अन्य सभी दलों के खिलाफ बयानबाजी से परहेज करें। सरकार को इस सत्र में महिला आरक्षण और उससे जुड़ा परिमीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक लाना है। इसके लिए दो तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी है। सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत का आंकड़ा जुटा लिया है। इसके लिए उसके नेताओं ने विपक्ष के द्रमुक और एनसीपी (एसपी) जैसे दलों के नेताओं से जरूरी आश्वासन ...
MP: दतिया में आशुतोष तिवारी का प्रचार कर रहे नरोत्तम… स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं से बोले- माला वाला पीछे है

MP: दतिया में आशुतोष तिवारी का प्रचार कर रहे नरोत्तम… स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं से बोले- माला वाला पीछे है

पॉलिटिक्स, मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
दतिया। दतिया विधानसभा (Datia Assembly Constituency) के चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. नरोत्तम मिश्रा रात को बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी (BJP candidate Ashutosh Tiwari) के साथ जनसंपर्क कर रहे थे. चुनाव प्रचार के दौरान एक जगह पार्टी कार्यकर्ता स्वागत करने आए तो नरोत्तम मिश्रा ने इनकार करते हुए कहा कि प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पीछे हैं. उनको माला पहनाओ। वायरल वीडियो के अनुसार, दतिया में घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा था. जनसंपर्क के दौरान एक मोड़ पर उत्साहित भाजपा कार्यकर्ता अपने चहेते नेता नरोत्तम मिश्रा का स्वागत करने के लिए फूल-मालाएं लेकर आगे बढ़े. जैसे ही कार्यकर्ताओं ने मिश्रा के गले में माला डालनी चाही, नरोत्तम मिश्रा ने तुरं...
MP: पार्टी के रवैए पर भड़के कांग्रेस MLA… बोले- कोई नेता बिना बताए आया तो मुंह काला करके निकालेंगे

MP: पार्टी के रवैए पर भड़के कांग्रेस MLA… बोले- कोई नेता बिना बताए आया तो मुंह काला करके निकालेंगे

पॉलिटिक्स, मनोरंजन, राज्य, राष्ट्रीय
आगर-मालवा। मध्य प्रदेश कांग्रेस (Madhya Pradesh Congress) में इन दिनों कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है, जहां एक तरफ हाल ही में सरकार पर आरोप-प्रत्यारोप को लेकर जीतू पटवारी (Jitu Patwari) और दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) के बीच मनमुटाव की बात सामने आई थी। वहीं अब आगर-मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा सीट से विधायक भैरोंसिंह परिहार बापू (MLA Bhairon Singh Parihar 'Bapu') ने बगावती तेवर दिखाते हुए अपनी ही पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और संगठन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को नलखेड़ा में हुए पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से बोलते हुए पार्टी को लेकर जमकर नाराजगी जताई और भोपाल के कुछ बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक परिहार ने आरोप लगाया कि कुछ प्रदेश स्तर के नेता दलाली कर रहे हैं और कांग्रेस को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर संगठन का कोई नेत...
BJP: नितिन नवीन की टीम में शामिल होंगे कुछ बड़े मंत्री…. 4-5 नेताओं का प्रमोशन तय

BJP: नितिन नवीन की टीम में शामिल होंगे कुछ बड़े मंत्री…. 4-5 नेताओं का प्रमोशन तय

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भाजपा (BJP) नेतृत्व संगठन की नई टीम (New team) को युवा के साथ अनुभव से भी समृद्ध करने के लिए कुछ प्रमुख नेताओं को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (National President Nitin Navin) की टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकता है। पार्टी इसके लिए पूर्व में भी संगठन में काम कर चुके कुछ केंद्रीय मंत्रियों और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के नामों पर विचार कर रही है। राज्यों के संगठन में काम करने वाले कुछ अनुभवी नेताओं को भी राष्ट्रीय भूमिका में लाए जाने की संभावना है। भाजपा को छह माह बाद पांच राज्यों के चुनाव में जाना है, जिनमें चार में उसकी अपनी सरकारें हैं। ऐसे में पूरे संगठन को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पार्टी नेतृत्व बड़ी कवायद कर रहा है। इसमें पार्टी में भविष्य की दृष्टि से नए नेतृत्व को उभारना और अनुभवी नेताओं के संरक्षण में उनको तैयार करना भी शामिल है। इसी तर्ज पर पार्टी ने र...
मानसून सत्र में परिसीमन बिल पास कराने की तैयारी… इंडिया गठबंधन से नाता तोड़ने वाले दलों से समर्थन पर बातचीत जारी

मानसून सत्र में परिसीमन बिल पास कराने की तैयारी… इंडिया गठबंधन से नाता तोड़ने वाले दलों से समर्थन पर बातचीत जारी

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। मानसून सत्र (Monsoon-Session) में परिसीमन (Delimitation) व महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक (Constitution Amendment-Bill) को पारित कराने के लिए मोदी सरकार (Modi Government) ने अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसके लिए जरूरी दो तिहाई संख्या बल हासिल करने के लिए सरकार ने विपक्षी दलों की तीन श्रेणियां बनाई हैं। हाल ही में इंडिया गठबंधन से नाता तोड़ने वाली द्रमुक के अलावा एनसीपी (एसपी), जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस से विधेयक को प्रत्यक्ष समर्थन करने पर, जबकि दूसरे कई अन्य गैर कांग्रेसी दलों से परोक्ष समर्थन पर बातचीत का दौर जारी है। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों की तीन श्रेणियों में पहली श्रेणी ऐसे दलों की है, जो विधेयक का समर्थन नहीं करेंगे। दूसरी श्रेणी समर्थन की संभावना वाले दलों की है। तीसरी श्रेणी मतदान से दूरी बनाने की संभावना वाले दलों क...