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झारखंड हाई कोर्ट ने शराब घोटाला के आरोपी नवीन केडिया की जमानत याचिका खारिज की

झारखंड हाई कोर्ट ने शराब घोटाला के आरोपी नवीन केडिया की जमानत याचिका खारिज की

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रांची, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। झारखंड में चर्चित शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया को झारखंड उच्च न्यायालय से झटका लगा है। मंगलवार को उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस.के. द्विवेदी की अदालत ने नवीन केडिया की जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे खारिज कर दिया। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि याचिकाकर्ता ने अब तक न्यायालय अथवा जांच एजेंसी के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) नहीं किया है, ऐसे में उनकी जमानत याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता। अदालत ने पूर्व में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे मंगलवार को सुनाया गया। उल्लेखनीय है कि झारखंड में सामने आए शराब घोटाला मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान नवीन केडिया के फरार होने के...
जमीअत उलमा-ए-हिंद ने असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

जमीअत उलमा-ए-हिंद ने असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

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नई दिल्ली, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। जमीअत उलमा-ए-हिंद ने अपने अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के माध्यम से आज सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत याचिका दायर करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हालिया सार्वजनिक बयान को गंभीर घृणा आधारित, सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ और संवैधानिक मूल्यों का खुला उल्लंघन बताया है। याचिका में असम के मुख्यमंत्री के 27 जनवरी, 2026 को दिए गए उस भाषण का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने यह दावा किया कि “चार से पांच लाख ‘मियां’ वोटर्स को मतदाता सूची से बाहर कर दिया जाएगा” और यह भी कहा कि वह और उनकी पार्टी “सीधे मियां लोगों के खिलाफ” हैं। याचिका के अनुसार, ‘मियां’ शब्द असम में मुसलमानों के लिए अपमानजनक और बेइज्जती करने वाले तरीके से प्रयोग किया जाता है। याचिका में आगे कहा गया है कि असम के मुख्यमंत्री का उपरोक्त भाषण, इस संदर्भ में कि वह एक ऊंच...
बकरी चोरी का खुलासा करने पर युवक की हत्या, दो आरोपियों को उम्रकैद

बकरी चोरी का खुलासा करने पर युवक की हत्या, दो आरोपियों को उम्रकैद

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हुगली, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। बकरी चोरी का खुलासा करने के कारण एक युवक की हत्या के मामले में चुचुड़ा अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना चुचुड़ा थाना के नंदी मैदान इलाके में 12 जुलाई 2021 को हुई थी, जहां तापन मलिक की हत्या कर दी गई थी। जानकारी के अनुसार, कुछ युवकों ने बकरी चोरी कर उसे पिकनिक में इस्तेमाल किया था। जब तपन मल्लिक को इसकी जानकारी मिली तो उसने bकरी के मालिक को घटना की सूचना दी। इस मामले से नाराज होकर अनूपम दास और अरुण पासवान ने तपन को सड़क पर रोककर बेरहमी से पिटाई की। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर तपन को उनके चंगुल से छुड़ाकर घर भेज दिया था। मृतक की मां रीता मल्लिक के अनुसार, उसी रात तपन अपनी दादी के साथ घर पर था। देर रात आरोपित फिर से उनके घर पहुंचे और जबरन तपन को उठा ले गए। अगली सुबह, 13 जुलाई 2021 को उसका शव नंदी मैदान इला...
केंद्र सरकार ने पुरानी श्रम कानूनों को समाप्त करने की जानकारी दी

केंद्र सरकार ने पुरानी श्रम कानूनों को समाप्त करने की जानकारी दी

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नई दिल्ली, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली उच्च न्यायालय में सोमवार को नए श्रम कानूनों को बिना तैयारी के लागू करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि नए श्रम कानूनों को लागू करने के लिए इस महीने के अंत तक नियम बनाए जाएंगे और तब तक वर्तमान श्रम न्यायालय काम करते रहेंगे। याचिका के जवाब में केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच से कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार केंद्र सरकार ने आज ही दो नोटिफिकेशन जारी किए हैं, जिसमें पुराने कानून को 21 नवंबर, 2025 से समाप्त कर दिया गया है और उसकी जगह नए कानून लागू किए गए हैं। मेहता ने बताया कि नए कानून के नियम प्रभावी होने तक वर्तमान श्रम न्यायालयों को कार्य करने के लिए कहा गया है। एसजी ने यह भी कहा कि श्रम कानूनों को लागू करने के लिए इस महीन...
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में तांत्रिक को 20 साल की कठोर सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में तांत्रिक को 20 साल की कठोर सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना

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हमीरपुर, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में चौदह साल की मासूम के साथ दरिंदगी करने के मामले में सोमवार को दोषी तांत्रिक को पाॅक्सो एक्ट कोर्ट ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसे 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अभियोजक एडीजीसी रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि तांत्रिक रामसनेही, निवासी टोला खंगारन, के खिलाफ पीड़िता के परिजन की तहरीर पर 24 अगस्त 2023 को चिकासी थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। आज न्यायालय द्वारा सुनवाई के बाद दोष सिद्ध होने पर उसे 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है और 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना चिकासी थाना क्षेत्र के एक गांव की है। 14 साल की मासूम अपनी बहन और भाई के साथ गांव में रहती है, जबकि उसके माता-पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं। तीनों बच्चे गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ते हैं। पीड़िता ...
रिम्स में बायो मेडिकल वेस्ट का उठाव अब नई कंपनी करेगी, अगली सुनवाई 16 फरवरी को

रिम्स में बायो मेडिकल वेस्ट का उठाव अब नई कंपनी करेगी, अगली सुनवाई 16 फरवरी को

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रांची, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। राजेंद्र चिकित्सा विज्ञान संस्थान (रिम्स) में बायो मेडिकल वेस्ट के उठाव का कार्य अब एक नई कंपनी द्वारा किया जाएगा। इस संबंध में रिम्स ने झारखंड उच्च न्यायालय को शपथ पत्र के माध्यम से जानकारी दी। रिम्स ने सोमवार को हुई सुनवाई में अदालत को बताया कि पुरानी कंपनी का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो गया और अब यह कार्य मेसर्स मेडिकेयर एनवायरनमेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, लोहरदगा संभालेगी। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ द्वारा की गई। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता समावेश देव ने पक्ष रखा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अधिवक्ता रिचा संचित ने अदालत को बताया कि झारखंड के कई जिलों में बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं और अस्पतालों एवं नर्सिंग होम को क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्टर्ड किया जा ...
ममता बनर्जी ने आई-पैक रेड मामले में ईडी की याचिका खत्म करने की अपील की

ममता बनर्जी ने आई-पैक रेड मामले में ईडी की याचिका खत्म करने की अपील की

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नई दिल्ली, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आई-पैक के दफ्तर में हुई रेड के मामले में उच्चतम न्यायालय से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका को खारिज करने की मांग की है। राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए हलफनामे में कहा गया है कि जब इसी विषय पर याचिका कलकत्ता उच्च न्यायालय में पहले से लंबित है, तो समानांतर कार्रवाई करना उचित नहीं है। हलफनामे में स्पष्ट किया गया है कि ईडी को उच्चतम न्यायालय में रिट याचिका दाखिल करने का अधिकार नहीं है। इसे भी बताया गया कि आई-पैक के दफ्तर पर छापे से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया था। राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि ईडी ने प्रिविलेज्ड कम्युनिकेशन का उल्लंघन किया है। ज्ञात हो कि 15 जनवरी को ईडी की याचिका पर ममता बनर्जी और राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दखल के संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया गया था। जस्टिस प्रशा...
हाईकोर्ट ने जाली दस्तावेजों से नौकरी पाने वाले टीचरों की जांच का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने जाली दस्तावेजों से नौकरी पाने वाले टीचरों की जांच का आदेश दिया

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प्रयागराज, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश में उत्तर प्रदेश में कई असिस्टेंट टीचरों द्वारा जाली और मनगढ़ंत सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी पाने के 'परेशान करने वाले' पैटर्न पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को पूरे राज्य में उनकी व्यापक जांच करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी, बेसिक शिक्षा को यह काम यथासंभव छह महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि न केवल अवैध नियुक्तियों को रद्द किया जाए, बल्कि सैलरी भी रिकवर की जाए और मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जस्टिस मंजू रानी चौहान ने यह आदेश पारित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा कई सर्कुलर और निर्देश जारी करने के बावजूद, शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार अधिकारी ऐसी अवैध नियुक्तियों क...
सहमति से शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं: हाईकोर्ट

सहमति से शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं: हाईकोर्ट

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प्रयागराज, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि आपसी सहमति से लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए रखने के बाद यदि रिश्ता टूटता है, तो इससे उत्पन्न निराशा पर धोखे और छल से संबंध बनाने का आरोप लगाना दंडनीय अपराध नहीं होता। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 केवल उन संबंधों को दंडित करती है जो धोखे या छल से बने हों, न कि आपसी सहमति से बने रिश्तों के टूटने से होने वाली निराशा को। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक चले सहमति आधारित संबंध को बाद में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने झूठे वादे से संबंध बनाने की धारा 69 के तहत दर्ज अपराध को रद्द कर दिया, हालांकि अन्य धाराओं में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना जारी रखने का आदेश दिया है। पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक याचियों की गिरफ्तारी पर रोक भी लगाई गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद की खंडपीठ ने ...
दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेड़े मामले में केंद्र की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेड़े मामले में केंद्र की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

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नई दिल्ली, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही को निरस्त करने के केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल की अध्यक्षता वाली बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखने का आदेश दिया। कैट ने 19 जनवरी को अपने आदेश में समीर वानखेड़े के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही को निरस्त कर दिया था। कैट ने कहा था कि समीर वानखेड़े के खिलाफ बिना प्रक्रियाओं का पालन किए ही अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई थी। कैट ने कहा था कि 18 अगस्त, 2025 को समीर वानखेड़े के खिलाफ जारी आरोप पत्र प्रक्रियाओं का दुरुपयोग है। कैट ने कहा कि आरोप पत्र में जो तथ्य पेश किए गए हैं वो विभागीय अनु...