Friday, October 30खबर जो असर करे |
Shadow

कानून

रेखा गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की मांग पर फैसला सुरक्षित, 6 नवंबर को सुनवाई

रेखा गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की मांग पर फैसला सुरक्षित, 6 नवंबर को सुनवाई

कानून
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सरकारी अधिकारियों को “हनुमान” की संज्ञा देने वाले टिप्पणी को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा गया है। अडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने 6 नवंबर को फैसला सुनाने का आदेश दिया है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील संजीत कुमार ने दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट पर आपत्ति जताई और अपनी दलीलों को समर्थन देने हेतु पूर्व के फैसलों का हवाला दिया। 15 अक्टूबर को सुनवाई में कश्मीरी गेट थाने के एसआई मुकेश तोमर ने रेखा गुप्ता के भाषण का ट्रांसक्रिप्ट कोर्ट में दाखिल किया था। उन्होंने इसे भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 63 (4) (सी) के तहत प्रमाणपत्र के रूप में प्रस्तुत किया। याचिका रामनिवास शर्मा ...
सात आरोपियों को आजीवन कारावास, बलवा के लिए दो वर्ष सश्रम – करण राठौर हत्या में प्रथम अपर सत्र न्यायालय का फैसला

सात आरोपियों को आजीवन कारावास, बलवा के लिए दो वर्ष सश्रम – करण राठौर हत्या में प्रथम अपर सत्र न्यायालय का फैसला

कानून
मनेंद्रगढ़, 29 अक्टूबर (हि.स.) – छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले में घटित करण राठौर हत्या के मामले में पहला अपर सत्र न्यायालय ने आज गुरुवार को सात आरोपियों को दोषी ठहराकर उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसी सुनवाई में बलवा के अपराध के लिये सभी दोषियों को 2‑2 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल मिलाकर 10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। यह फैसला उसी दिन आया जब 5 सितंबर 2025 को पुरानी रंजिश के कारण मनेंद्रगढ़ के बताशा लाइन स्थित हनुमान मंदिर के सामने करण राठौर की हत्या कर दी गई थी। न्यायालय ने यह भी तय किया कि मृतक के माता-पिता को 10,000 रुपये का प्रतिकर दिया जाए। मामले में आरोपी रितिक मिश्रा, सचिन जैन और राशिद खान समेत कुल सात लोगों को दोषसिद्ध किया गया है। न्यायालय ने सभी आरोपियों को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास तथा बलवा के मामले में दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलाव...
दो पैन कार्ड मामलों में आजम खान एवं अब्दुल्ला को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत, सजा निलंबन, दोषसिद्धि पर रोक नहीं

दो पैन कार्ड मामलों में आजम खान एवं अब्दुल्ला को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत, सजा निलंबन, दोषसिद्धि पर रोक नहीं

कानून
प्रयागराज, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दो पैन कार्ड मामलों में आज़म खान और उनके पुत्र अब्दुल्ला आज़म खान को जमानत प्रदान की और उनकी सजा निलंबित कर दी, परंतु दोषसिद्धि पर रोक लगाने की माँग को खारिज कर दिया। यह फैसला जस्टिस समित गोपाल की एकल बेंच ने सुनाया। दोनों ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय को चुनौती देते हुए दोषसिद्धि पर रोक, सजा निलंबन तथा अंतरिम जमानत की मांग की थी। आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म खान को 17 नवंबर 2025 को दो पैन कार्ड मामलों में कुल 7‑7 साल की सजा सुनाई गई थी और उसी दिन उन्हें रामपुर जिला जेल में भेज दिया गया। तब से वे 346 दिन (लगभग 11 महीने 12 दिन) कारावास में रहे। उन्होंने सेशन कोर्ट में अपील दायर की, पर 20 अप्रैल 2026 को अपील खारिज हुई और सजा बरकरार रही। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसका सुनवाई 15 अक्टूबर को हुई और हाईकोर्ट ने पहल...
विदेशी निवेश एवं वैकल्पिक संरचनाओं में पारदर्शिता की मांग वाली महुआ मोइत्रा की याचिका खारिज

विदेशी निवेश एवं वैकल्पिक संरचनाओं में पारदर्शिता की मांग वाली महुआ मोइत्रा की याचिका खारिज

कानून
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हिन्दुस्तान समाचार)। उच्चतम न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने विदेशी निवेश और वैकल्पिक निवेश संरचनाओं में अधिक पारदर्शिता की माँग की थी। न्यायालय की वह बेंच, जिसका संचालन जस्टिस बीवी नागरत्ना कर रहे थे, ने कहा कि यह निर्णय सरकार का अधिकार है कि वह किसी विशेष ढाँचे की आवश्यकता है या नहीं, और इसलिए अदालत से इस पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता। याचिका में अल्टीमेट बेनिफिशियल ओनर्स (UBO) और उनके पोर्टफोलियो के विवरण को सार्वजनिक रूप से अनिवार्य रूप से प्रकट करने की माँग की गई थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह भी प्रश्न उठाया कि क्या एक सांसद के रूप में महुआ मोइत्रा के पास ऐसी याचिका दाखिल करने की पात्रता है और उन्होंने पूछा, “याचिकाकर्ता एक सांसद हैं, हम जानना चाहते हैं कि वह अपना नाम क्यों देना चा...
उच्चतम न्यायालय ने 100 % इथेनॉल वाहनों की अनुमति पर सरकार से आपूर्ति की रूपरेखा माँगी

उच्चतम न्यायालय ने 100 % इथेनॉल वाहनों की अनुमति पर सरकार से आपूर्ति की रूपरेखा माँगी

कानून
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से यह सवाल किया है कि यदि सौ प्रतिशत इथेनॉल से चलने वाले वाहनों को अनुमति दी गई तो ऐसी वाहनों की इंधन आपूर्ति कैसे सुनिश्चित की जाएगी। इस प्रश्न पर चर्चा करने के लिये जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच ने आज मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने इस मामले को अगले महीने तक स्थगित कर दिया। 26 अक्टूबर को सड़क परिवहन मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम में बदलाव की अधिसूचना जारी की, जिसमें फ्लेक्स-फ्यूल (E100) वाहनों को अनुमति दी गई। इन वाहनों को E100 ईंधन से लगभग पूरी तरह से इथेनॉल पर चलाया जा सकता है। एक दिन बाद, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वर्तमान में पेट्रोल में इथेनॉल को 20 प्रतिशत (E20) से आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने 2025‑26 के इथेनॉल आव...
विधायक करनैल सिंह की याचिका खारिज

विधायक करनैल सिंह की याचिका खारिज

कानून
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हिंदी समाचार)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने भाजपा विधायक करनैल सिंह के विरुद्ध दायर आपराधिक मानहानि याचिका को खारिज कर दिया। विशेष जज रूबी नीरज कुमार ने याचिका को नकारते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका का कोई आधार नहीं है। सेशंस कोर्ट ने पहले 3 जुलाई को करनैल सिंह की याचिका पर सत्येंद्र जैन को नोटिस जारी किया था। करनैल सिंह ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी थी। 29 मई को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की आपराधिक मानहानि याचिका पर संज्ञान लिया था। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने करनैल सिंह को 6 जून को कोर्ट में उपस्थित होने का समन जारी किया था, जिसे करनैल सिंह ने सेशंस कोर्ट में चुनौती दी थी। सत्येंद्र जैन ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष दायर याचिका में कहा कि करनैल सिंह ने 19 ज...
बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों की याचिका पर जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर, अगली सुनवाई 20 नवंबर

बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों की याचिका पर जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर, अगली सुनवाई 20 नवंबर

कानून
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को चार महिला पहलवानों की याचिका पर जवाब दाखिल करने का अंतिम समय‑सीमा दे दिया है। यह याचिका यौन शोषण के मामले में बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देती है। विशेष जज दिग्विनय सिंह ने उन्हें एक हफ़्ते के भीतर उत्तर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जबकि अगली सुनवाई 20 नवंबर को निर्धारित की गई है। सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर के वकीलों ने उत्तर देने के लिए एक हफ़्ते की माँग की। कोर्ट ने इस माँग को स्वीकार कर जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर प्रदान किया। इस याचिका के संबंध में 28 सितंबर को बृजभूषण शरण सिंह व विनोद तोमर को नोटिस जारी किया गया था। चार महिला पहलवानों ने राऊज एवेन्यू कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट के 3 अगस्त के आदेश को सेशंस कोर्ट में चुनौती...
गिरधारी लाल साहू के खिलाफ केस में अन्य पीठ को भेजा गया, रोक की मांग को अभी तक नहीं मिली

गिरधारी लाल साहू के खिलाफ केस में अन्य पीठ को भेजा गया, रोक की मांग को अभी तक नहीं मिली

कानून
नैनीताल, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने कैरिबेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी पर रोक लगाने तथा उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की याचिका पर अभी तक कोई राहत नहीं प्रदान की। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद इस मामले को आगे की कार्यवाही के लिए दूसरी पीठ को सौंप दिया है। याचिकाकर्ता गिरधारी लाल साहू ने कोर्ट में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा पूरी तरह से झूठा है और उन्हें बेवकूफी से फँसाया गया है। याचिका में बताया गया कि उन्होंने और रेखा आर्या की शादी वर्ष 2004 में की थी और तब से वे एक साथ हैं। एफआईआर में यह आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने स्वयं को अविवाहित बताते हुए रेखा आर्या से विवाह किया, जबकि शादी के समय वे पहले से ही विवाहित थे। इसके अलावा, उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने जालसाजी करके मंत्री के ...
अवमानना मामले में संजय राउत को सुप्रीम कोर्ट का हाज़िर आदेश, वागले को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग

अवमानना मामले में संजय राउत को सुप्रीम कोर्ट का हाज़िर आदेश, वागले को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग

कानून
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायपालिका के संबंध में उनके बयानों को लेकर चल रहे अवमानना मामले में 17 नवंबर को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया। यह आदेश जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने जारी किया है। साथ ही, पत्रकार निखिल वागले को अदालत में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया गया। इस बेंच ने 16 अक्टूबर को अवमानना नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया था। पहले सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की याचिका पर न्यायालय ने वागले और राउत दोनों से पूछा था कि उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की गई। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालतें व्यक्तिगत स्वतंत्रता या अन्य अधिकारों की रक्षा करने में कभी पीछे नहीं रही हैं, और ऐसी संस्थाओं पर हमले होना ...
सुप्रीम कोर्ट ने 2027 की जनगणना में ओबीसी जातियों के ड्रॉप‑डाउन मेनू की मांग को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने 2027 की जनगणना में ओबीसी जातियों के ड्रॉप‑डाउन मेनू की मांग को खारिज किया

कानून
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने 2027 की जनगणना के डिजिटल डेटा संग्रह उपकरण में ओबीसी जातियों के लिये पूर्व‑भरे हुए ड्रॉप‑डाउन मेनू उपलब्ध कराने की माँग पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। यह निर्णय मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने लिया, जिसमें बताया गया कि यह मामला “नीतिगत निर्णय” से संबंधित है और न्यायालय का दायरा इससे परे है। न्यायालय ने कहा कि याचिका का निपटारा चल रहा है, परन्तु याचिकाकर्ता को यह अनुमति दी जा रही है कि वह रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त से सीधे संपर्क स्थापित करे। साथ ही, याचिकाकर्ता को यह निर्देश दिया गया कि वह इस याचिका की एक प्रति को “प्रतिवेदन” के रूप में संबंधित अधिकारियों को भेज सके। याचिका में यह माँग की गई थी कि 2027 की जनगणना के डिजिटल डेटा संग्रह टूल में ओबीसी जातियों के लिये पूर्व‑भरे हुए ड्रॉप‑डाउन मेनू प्रदान किया...