करवा चौथ की अनूठी परंपराएं: पंजाब की सरगी से राजस्थान की खास पूजा तक
नई दिल्ली। करवा चौथ का त्योहार देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद व्रत खोला जाता है। हालांकि, त्योहार का उद्देश्य भले ही एक हो, लेकिन इसे मनाने की परंपराएं अलग-अलग राज्यों में अलग रूप में दिखाई देती हैं। कहीं व्रत की शुरुआत सरगी से होती है, तो कहीं करवा माता की पूजा, लोकगीतों और पारंपरिक रीति-रिवाजों का विशेष महत्व है।
पंजाब में सरगी से होती है व्रत की शुरुआत
पंजाब में करवा चौथ की शुरुआत सरगी की परंपरा से होती है। सूर्योदय से पहले सास अपनी बहू को सरगी देती है। इसमें फल, मिठाइयां, फेनी और सुहाग से जुड़ी वस्तुएं शामिल होती हैं। महिलाएं सरगी ग्रहण करने के बाद दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं।
यहां करवा चौथ केवल व्रत तक सीमि...









