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‘माई के बिनु छठ…’ गीत में माँ की ममता का दर्द, सुशांत अस्थाना ने छुआ दिल की धड़कन

‘माई के बिनु छठ…’ गीत में माँ की ममता का दर्द, सुशांत अस्थाना ने छुआ दिल की धड़कन

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सीवान, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। छठ महापर्व की चमक‑धमक, घर‑आँगन में पूजा की तैयारियाँ और घाटों पर उमड़ती आस्था के बीच जब माँ साथ नहीं होती, तो उत्सव के बीच एक खालीपन बना रहता है। इस गहरी भावनात्मक पीड़ा को भोजपुरी गायक सुशांत अस्थाना ने अपने हालिया सिंगल ‘माई के बिनु छठ…’ में शब्दों में ढाला है। सीवान जिले के निवासी अस्थाना ने इस गीत के माध्यम से माँ की ममता, छठ की परंपरा और अपनों से बिछड़ने की कसक को लोकभाषा में अभिव्यक्त किया है। गीत के शुरुआती पंक्तियों में ठेकुआ बनाने, दउरा उठाने और पूजा सामग्री जुटाने जैसे पारंपरिक दृश्यों को चित्रित किया गया है, जिससे ग्रामीण जीवन की सरलता सामने आती है। इन तैयारियों में माँ की भूमिका को याद कर गायक अपने दर्द को बयां करता है, जो उन लोगों के दिल को छूता है जो इस त्यौहार पर अपने मातृस्नेह को खो चुके हैं। गीत की सबसे प्रभावशाली शक्ति उसके बोलों ...
200 साल पुरानी परंपरा को संजो रहा मुस्लिम परिवार, कूचबिहार में चौथी पीढ़ी के अमिनुर बना रहे 34 फीट का रास चक्र

200 साल पुरानी परंपरा को संजो रहा मुस्लिम परिवार, कूचबिहार में चौथी पीढ़ी के अमिनुर बना रहे 34 फीट का रास चक्र

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कूचबिहार, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। कूचबिहार के हरिणचौड़ा इलाके में स्थित तोर्सा नदी के किनारे बसे एक मुस्लिम परिवार ने 200 साल से अधिक पुरानी परम्परा के तहत 34 फीट ऊँचा रास चक्र बनाना जारी रखा है। इस वर्ष इस जिम्मेदारी को चौथी पीढ़ी के अमिनुर हुसैन ने संभाला है। अमिनुर अपने घर में बांस, कागज, गोंद और धागे की मदद से रास चक्र का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी पूजा के दिन से ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया और इस प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लगेगा। देवत्र ट्रस्ट बोर्ड के अनुसार, 24 नवंबर को मदनमोहन मंदिर में रास उत्सव का शुभारम्भ होगा। रात 9 बजे जिलाधिकारी एवं देवत्र ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष इस बड़े रास चक्र को घुमा कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत करेंगे। ऐतिहासिक रूप से, महाराजा हरेंद्र नारायण के शासनकाल में 200 साल से पहले भेटागुड़ी में इस उत्सव की शुरुआत ...