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नशामुक्त मध्यप्रदेश की ओर बढ़ते कदम : जनभागीदारी, पुनर्वास और संकल्प से सामाजिक बदलाव

नशामुक्त मध्यप्रदेश की ओर बढ़ते कदम : जनभागीदारी, पुनर्वास और संकल्प से सामाजिक बदलाव

विशेष समाचार
भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और प्रतिभा को सही दिशा देना राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति केवल व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के भविष्य से जुड़ी एक गंभीर सामाजिक चुनौती है। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में नशामुक्त भारत अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पैदा करना नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक शक्ति के माध्यम से नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास उपलब्ध कराकर उन्हें मुख्यधारा में वापस लाना भी है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नशामुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने सामाजिक सहभागि...
अमेरिका में एकबार फिर हिंदुत्व का जयघोष

अमेरिका में एकबार फिर हिंदुत्व का जयघोष

लेख, विशेष समाचार
डॉ. मयंक चतुर्वेदी न्यूयॉर्क में 29 अगस्त को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का संबोधन भारतीय चिंतन की उस व्यापक दृष्टि को सामने लाता है, जिसमें विविधता के बीच मानवता की एकता को आधार माना गया है। ‘वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी’ अंतरधार्मिक संवाद में भागवत ने धर्म, हिंदुत्व, सामाजिक समरसता, सेवा, राजनीति और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। उनके संबोधन की खास बात यह रही कि उन्होंने हिंदुत्व को किसी समुदाय के विरोध अथवा बहिष्कार के विचार से अलग करते हुए मानव गरिमा और सभी पंथों के सम्मान से जोड़ने का प्रयास किया। विविधता में एकता का भारतीय विचार भागवत ने कहा कि दुनिया में धर्म और संस्कृतियां अनेक हैं। उनकी पूजा पद्धतियां, मान्यताएं और कर्मकांड अलग हो सकते हैं, मगर मनुष्य की मूल पहचान एक है। उन्होंने विविधता को समाप्त करने के बजाय उसे स्वीकार करने, उसका सम्म...
रक्षाबंधन : एक राखी, अनेक संकल्प

रक्षाबंधन : एक राखी, अनेक संकल्प

लेख, विशेष समाचार
डॉ. वंदना सेन “येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥” जिस रक्षा सूत्र से महाबली राजा बलि को बाँधा गया था, उसी रक्षा-सूत्र से मैं तुम्हें बाँधता हूँ। हे रक्षासूत्र! तुम अडिग रहना, अपने संकल्प से कभी विचलित मत होना। रक्षाबंधन पर धागों पर बंधन एक संकल्प है। वह धागा राखी का नहीं, रिश्तों का होता है। बहन जब भाई की कलाई पर राखी बाँधती है तो वह केवल धागा नहीं बाँधती। वह अपने बचपन को बाँधती है, अपनी स्मृतियों को बाँधती है, अपने विश्वास को बाँधती है। उसकी आँखों में एक मौन प्रार्थना होती है- “भैया! जीवन चाहे जितना बदल जाए, हमारे रिश्ते का यह विश्वास कभी मत बदलना।” और भाई भी जब बहन की ओर देखता है तो उसके मन में एक संकल्प जन्म लेता है- “तुम्हारे जीवन में कोई कठिनाई आए तो मैं तुम्हारे साथ खड़ा रहूँगा।” यही रक्षाबंधन है। भारतीय संस्कृति की सुंदरता ...
मक्का रक्षा समझौता और भारतीय उपमहाद्वीप का बदलता भू-राजनीतिक चक्रव्यूह

मक्का रक्षा समझौता और भारतीय उपमहाद्वीप का बदलता भू-राजनीतिक चक्रव्यूह

लेख, विशेष समाचार
डॉ. मयंक चतुर्वेदी मक्का में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच सात अगस्त 2026 को हुआ ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौता’ भारतीय उपमहाद्वीप में ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य-पूर्व में जारी संघर्षों ने पारंपरिक सुरक्षा समीकरणों को हिला दिया है। समझौते के तहत तीनों देशों ने सामूहिक प्रतिरोध को मजबूत करने और किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमले को तीनों पर हमला मानने की प्रतिबद्धता जताई है। भारत के लिए इस घटनाक्रम की गंभीरता तब और बढ़ जाती है, जब इसी समझौते के प्रति बांग्लादेश ने भी सकारात्मक रुख के संकेत दिए हैं। बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा है कि ढाका सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये से जुड़े आर्थिक या रक्षा ढांचे में शामिल होने की संभावना के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है। ऐसे में मक्का समझौते को इस्लामिक मजहबी करण के उम्मा के तहत एकजुटता के चश्मे से भी देखा ...
आज लगेगा साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण, यूरोप में दिन में छा जाएगा अंधेरा

आज लगेगा साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण, यूरोप में दिन में छा जाएगा अंधेरा

राष्ट्रीय, विशेष समाचार
भोपाल। श्रावण मास की अमावस्या पर अंतरिक्ष में एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक खगोलीय घटना होने जा रही है। आज साल का सबसे बड़ा पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जिसके कारण दुनिया के कई हिस्सों में दिन के समय ही पूरी तरह से अंधेरा छा जाएगा। मप्र की नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि यह घटना विशेष रूप से यूरोप महाद्वीप के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि वहां पूरे 27 साल बाद कोई पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देने जा रहा है। इससे पहले यूरोप ने साल 1999 में ऐसा नजारा देखा था। उन्होंने बताया कि भारतीय समयानुसार, यह ग्रहण 12 अगस्त की रात 9:04 बजे शुरू होगा और मध्य रात्रि को पार करते हुए मध्यरात्रि के बाद (13 अगस्त की) 01:27 बजे समाप्त होगा। चूंकि ग्रहण की पूरी अवधि भारत में रात के समय होगी, जब सूर्य पहले से ही क्षितिज के नीचे छिपा होगा, इसलिए यह सूर्य ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नही...
850 साल बाद दिखेगा अद्भुत नजारा, 22 जुलाई 2028 के सूर्य ग्रहण के लिए अभी से फुल हुए होटल; जानिए क्या है खास

850 साल बाद दिखेगा अद्भुत नजारा, 22 जुलाई 2028 के सूर्य ग्रहण के लिए अभी से फुल हुए होटल; जानिए क्या है खास

अंतरराष्ट्रीय, विशेष समाचार
नई दिल्ली। दुनिया की कुछ खगोलीय घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनका इंतजार पीढ़ियां करती हैं। ऐसी ही एक दुर्लभ घटना 22 जुलाई 2028 को न्यूजीलैंड के दक्षिणी हिस्से में देखने को मिलेगी। इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण (टोटल सोलर एक्लिप्स) दिखाई देगा, जिसे इस क्षेत्र में करीब 850 वर्षों बाद देखा जाएगा। यही वजह है कि इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए दुनिया भर के लोग अभी से तैयारी कर रहे हैं और कई होटलों की बुकिंग दो साल पहले ही पूरी हो चुकी है। करीब तीन मिनट तक दिन में छा जाएगा अंधेरा खगोलीय गणनाओं के अनुसार, 22 जुलाई 2028 को स्थानीय समयानुसार शाम करीब 4:17 बजे चंद्रमा सूर्य के ठीक सामने आ जाएगा। इससे दक्षिणी न्यूजीलैंड में लगभग 100 किलोमीटर चौड़े क्षेत्र में 2 मिनट 51 सेकंड तक पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इस दौरान दिन के उजाले में अचानक अंधेरा छा जाएगा और यह दृश्य हजारों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। ...
चिंताजनक: 17 लाख उपग्रह और अंतरिक्ष दर्पण, तारों की दुनिया को बना देंगे इतिहास; वैज्ञानिकों की चेतावनी क्या?

चिंताजनक: 17 लाख उपग्रह और अंतरिक्ष दर्पण, तारों की दुनिया को बना देंगे इतिहास; वैज्ञानिकों की चेतावनी क्या?

अंतरराष्ट्रीय, विशेष समाचार
नई दिल्‍ली। सदियों से इंसान जिस तारों भरे आसमान को विस्मय और जिज्ञासा के साथ देखता आया है, वह आने वाले वर्षों में पूरी तरह बदल सकता है। पृथ्वी की निचली कक्षा में बड़ी संख्या में नए उपग्रहों और विशाल अंतरिक्ष दर्पणों को भेजने की प्रस्तावित योजनाओं ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि इन परियोजनाओं पर बिना किसी प्रभावी नियंत्रण के अमल हुआ तो रात का प्राकृतिक अंधकार धीरे-धीरे समाप्त होने लगेगा, दूरस्थ आकाशगंगाओं, पृथ्वी जैसे ग्रहों और ब्रह्मांड की खोज को बाधित कर सकती है।यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी (ईएसओ) के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन के निष्कर्ष प्रतिष्ठित शोध पत्रिका एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स में प्रकाशित हुए हैं। अध्ययन के अनुसार पृथ्वी की कक्षा में किसी भी समय अधिकतम लगभग 1 लाख अपेक्षाकृत मंद उपग्रह ही होने चाहिए। इसके विपरीत विभिन्न कंपनियों और संस...
दान पेटी में मिलीं अनोखी मन्नतें: किसी ने मांगी करोड़पति बनने की दुआ, तो किसी ने NEET में सफलता की प्रार्थना

दान पेटी में मिलीं अनोखी मन्नतें: किसी ने मांगी करोड़पति बनने की दुआ, तो किसी ने NEET में सफलता की प्रार्थना

विशेष समाचार
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर की दान पेटियां खोली गईं तो नकद चढ़ावे के साथ श्रद्धालुओं की लिखी दर्जनों मन्नतों की पर्चियां भी सामने आईं। इनमें कुछ ऐसी थीं, जिन्होंने मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों और अधिकारियों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया। किसी ने आर्थिक सफलता के लिए अनोखे संकल्प लिखे तो किसी छात्र ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता की कामना भगवान शिव से की। करोड़पति बनने के लिए लिखा अनोखा संकल्प अचलेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं कागज पर लिखकर दान पेटी में डालते हैं। जून माह की दान पेटियों की गणना के दौरान एक युवक की लिखी पर्ची सबसे अधिक चर्चा का विषय बनी। युवक ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि वह जल्द आर्थिक रूप से संपन्न बने। इसके साथ उसने स्वयं पर कई तरह के अनुशासन लागू करने का संकल्प भी लिखा। उसने लिखा कि वह खुद से अनावश्यक ब...
समान नागरिक संहिता का बाल-अधिकार दृष्टिकोण

समान नागरिक संहिता का बाल-अधिकार दृष्टिकोण

लेख, विशेष समाचार
- डॉ. निवेदिता शर्मा भले ही भारत का संविधान प्रत्येक बच्चे को गरिमा, समानता, सुरक्षा और विकास का अधिकार प्रदान करता है, किंतु जब भी हम परिवार, विवाह, तलाक, उत्तराधिकार या सामाजिक परंपराओं की चर्चा करते हैं, तब प्रायः वयस्कों के अधिकारों और दायित्वों पर अधिक विचार होता है। जिसकी वाणी अक्सर सबसे कम सुनाई देती है, वे हैं हमारे बच्चे। वास्तव में किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता इस बात से मापी जाती है कि वह अपने बच्चों के अधिकारों और हितों की कितनी प्रभावी रक्षा करती है। आज जब मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में विचार कर रहा है, तब यह आवश्यक है कि इसका प्रारूप वैवाहिक, पारिवारिक और उत्तराधिकार संबंधी कानूनों का एकीकरण करने तक सीमित न रहे, वह बाल-अधिकारों की सुरक्षा का भी सशक्त दस्तावेज बने। इसी दृष्टि से मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर विचार...
इतिहास रचने को तैयार जोजिला सुरंग: आज होगा बहुप्रतीक्षित ब्रेकथ्रू ब्लास्ट, नितिन गडकरी बनेंगे साक्षी

इतिहास रचने को तैयार जोजिला सुरंग: आज होगा बहुप्रतीक्षित ब्रेकथ्रू ब्लास्ट, नितिन गडकरी बनेंगे साक्षी

ब्रेकिंग न्यूज़, राष्ट्रीय, विशेष समाचार
श्रीनगर । भारत के बुनियादी ढांचा विकास के इतिहास में मंगलवार को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। दुनिया की सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित और सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब द्वि-दिशात्मक जोजिला सुरंग में वह बहुप्रतीक्षित ब्रेकथ्रू ब्लास्ट होने जा रहा है जिसका देश को दशकों से इंतजार था। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में निर्बाध और सुरक्षित संपर्क बहाल रखने के लिए निर्माण कार्य अगले चरण में पहुंच जाएगा।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे और परियोजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों के अनुसार यह अनूठी उपलब्धि लद्दाख को साल के बारह महीने देश के बाकी हिस्सों से जोड़े रखने की दिशा में एक क्रांतिकारी और बड़ा कदम है। ये टनल सर्दियों की भारी बर्फबारी में भी दोनों क्षेत्रों की दूरी को मिटा देगा।अधिकारियों को उम्मीद है कि ज...