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अंतरराष्ट्रीय

Survey: फिर आ गई 9/11 की बरसी…. 25 साल में US में बहुत कुछ बदल गया… मुस्लिमों की छवि जस की तस

Survey: फिर आ गई 9/11 की बरसी…. 25 साल में US में बहुत कुछ बदल गया… मुस्लिमों की छवि जस की तस

अंतरराष्ट्रीय
न्यूयॉर्क। अमेरिका (America) अगले हफ्ते 9/11 हमले की 25वीं बरसी मनाएगा। इस लंबी अवधि ने बहुत कुछ बदल दिया है। लेकिन आज भी अमेरिकी समाज (American Society) में मुस्लिमों की छवि नहीं बदल पाई है। प्यू रिसर्च सेंटर (Pew Research Center) के सर्वे के मुताबिक, 51% अमेरिकी अब भी मुस्लिमों को संदेह की नजर से ही देखते हैं। अमेरिका में मुस्लिम आबादी, मस्जिदों की संख्या बढ़ी है और राजनीतिक स्तर पर भी समुदाय की सक्रियता बढ़ी है। लेकिन हिंसक समुदाय होने की उसकी छवि जस की तस बनी है। प्यू रिसर्च सेंटर अमेरिका में मुस्लिमों की स्थिति, अमेरिकियों की सोच और खुद मुस्लिमों की राय पर समय-समय पर सर्वे करता रहा है। इस साल के सर्वे में 43% अमेरिकी वयस्कों ने माना कि मुसलमान अन्य नागरिकों की तुलना में कम देशप्रेमी हैं, जबकि 42% का मानना था कि अमेरिकी मुसलमानों का देश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसके पीछे 9/11...
सिंगापुर में भारतीयों पर घटिया और नस्ली टिप्पणियां….. सरकार ने दिए जांच के आदेश

सिंगापुर में भारतीयों पर घटिया और नस्ली टिप्पणियां….. सरकार ने दिए जांच के आदेश

अंतरराष्ट्रीय
सिंगापुर। सिंगापुर (Singapore ) के गृह मंत्री के. शनमुगम (Home Minister K. Shanmugam) ने भारतीयों (Indians) को लेकर इंटरनेट पर की जा रही नस्ली और आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि चीन-नेपाल (China-Nepal) में आई भीषण बाढ़ और एयर इंडिया (Air India) में सिंगापुर एयरलाइंस (Singapore Airlines- SIA) के निवेश से जुड़े मामलों को लेकर कुछ लोगों ने बेहद घटिया और नस्ली टिप्पणियां की हैं। शनमुगम ने कहा कि उन्होंने पुलिस से इन टिप्पणियों की जांच करने को कहा है। उनका कहना था कि ऐसे लोगों को इंटरनेट की गुमनामी के पीछे छिपने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि उनकी पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने इन टिप्पणियों को शर्मनाक, घटिया और पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। शनमुगम ने कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद जब कई सिंगापुरवासी लापता हैं, तब भी सोशल मीडिया पर उनके खि...
ग्रीस में F-4 फाइटर जेट क्रैश…. एयर शो में करतब दिखाते समय हुआ हादसा, दोनों पायलटों की मौत

ग्रीस में F-4 फाइटर जेट क्रैश…. एयर शो में करतब दिखाते समय हुआ हादसा, दोनों पायलटों की मौत

अंतरराष्ट्रीय
एथेन्स। ग्रीस (Greece) में शनिवार, 5 सितंबर को एयर शो (Air Show) के दौरान दो सीटों वाला F-4 फैंटम फाइटर जेट (F-4 Phantom Fighter Jet) क्रैश हो गया. इस हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में फाइटर जेट को नीचे गिरते हुए देखा गया. इसके बाद आसमान में काले धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया. यह घटना एयर शो देखने पहुंचे दर्शकों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर हुई। यह हादसा एथेंस के उत्तर में स्थित तानाग्रा एयर बेस पर हुआ, जहां एयर शो आयोजित किया जा रहा था. रॉयटर्स ने लेन के लेआउट, आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर और पहाड़ों के आधार पर घटना की जगह की पुष्टि की, जो आर्काइव और सैटेलाइट तस्वीरों से मेल खाते थे. घटना की तारीख की पुष्टि फाइल के मेटाडेटा और इलाके में विमान हादसे की रिपोर्ट से की गई। एयर बेस पर लगे लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से इलाके को छोड़ने की अपील क...
यूरोप में अवैध प्रवासियों पर सख्ती…. बिना कानूनी अनुमति के रह रहे लोगों को डिपोर्ट करेंगे 5 देश

यूरोप में अवैध प्रवासियों पर सख्ती…. बिना कानूनी अनुमति के रह रहे लोगों को डिपोर्ट करेंगे 5 देश

अंतरराष्ट्रीय
कोपेनहेगन। यूरोप (Europe) में अवैध प्रवासियों (Illegal Migrants) और बिना कानूनी अनुमति के रह रहे लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। डेनमार्क (Denmark) की मेजबानी में हुई बैठक में जर्मनी, ऑस्ट्रिया, ग्रीस, डेनमार्क और नीदरलैंड के समूहों ने बड़ा कदम उठाया है। इन पांच देशों ने यूरोपीय संघ (European Union) से बाहर के किसी देश में रिटर्न हब (प्रवासी वापसी केंद्र) बनाने को लेकर ठोस सहमति जताई है। जर्मनी के गृह मंत्री एलेक्जेंडर डोब्रिंडट ने कोपेनहेगन में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इन देशों का लक्ष्य इसी साल ऐसे तीसरे देशों के साथ समझौते को अंतिम रूप देना है। हालांकि, अभी उन देशों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है जहां ये केंद्र बनाए जाएंगे। यूरोपीय संसद ने जून में नई प्रवासन नीति को मंजूरी दी थी। मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंताइस योजना को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जता...
BRICS Summit: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पूरे लाव-लश्कर के साथ आएंगे दिल्ली….

BRICS Summit: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पूरे लाव-लश्कर के साथ आएंगे दिल्ली….

अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) की अध्यक्षता में 12-13 सितंबर को हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) दिल्ली आएंगे। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति जिनपिंग की यात्रा का आधिकारिक कार्यक्रम अभी नहीं आया है लेकिन उनके दौरे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वे एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आ रहे हैं। जिनपिंग की भारत यात्रा करीब सात सालों के बाद हो रही है। इससे पहले वे अक्तूबर 2019 में द्विपक्षीय वार्ता के लिए भारत आए थे। सूत्रों ने कहा कि जिनपिंग की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों में द्विपक्षीय वार्ता भी होगी जिसमें सीमा से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा होगी। ब्रिक्स में प्रमुख हस्तियों में जिनपिंग के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन होंगे। चुनाव के चलते ब्राजील के राष्ट्रपति लूला हिस्सा नहीं लेंगे। उ...
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बोले- PM मोदी ने पहले ही चेताया था… अब हम अच्छे और सच्चे साझेदार तलाश रहे

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बोले- PM मोदी ने पहले ही चेताया था… अब हम अच्छे और सच्चे साझेदार तलाश रहे

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली। बेल्जियम (Belgium) के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर (Belgian Prime Minister Bart D Wever) ने कहा कि ‘कुछ देशों’ पर आर्थिक और सामरिक निर्भरता का यूरोपीय देशों (European Countries) का निर्णय उनके लिए नुकसानदायक साबित हुआ। उन्होंने कहा कि आपके प्रधानमंत्री (Prime Minister) ने बहुत पहले यूरोप को इसके बारे में आगाह किया था, लेकिन तब उनकी बात अनसुनी कर दी गई। वेवर ने कहा कि अब यूरोप उनकी बात को समझ रहा है। यह जागरूकता देरी से आई है, लेकिन अब हम अच्छे और सच्चे साझेदार तलाश रहे हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यूरोप ने लंबे समय तक सस्ते विदेशी सामान को अपने यहां बेरोकटोक आने दिया। कम कीमत पर आने वाले विदेशी सामान ने धीरे-धीरे यूरोप की कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ाने के साथ इन्हें कमजोर कर दि...
नेपाल बाढ़: सड़कें, पुल, स्कूल- अस्पतालों को भारी नुकसान…. 1344 मौतें, 33 हजार लोग प्रभावित

नेपाल बाढ़: सड़कें, पुल, स्कूल- अस्पतालों को भारी नुकसान…. 1344 मौतें, 33 हजार लोग प्रभावित

अंतरराष्ट्रीय
काठमांडू। नेपाल (Nepal) में अचानक आई बाढ़ (Flood) से करीब 33 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। इससे सड़कें, पुल, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों को नुकसान पहुंचा है। सरकार की शुरुआती रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। यह रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की गई। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण यानी एनडीआरआरएमए (NDRRMA) ने यह रिपोर्ट तैयार की है। प्राधिकरण ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में रिपोर्ट पेश की। बाढ़ में मरने वालों की संख्या कितनी हुई?अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 1344 हो गई। प्रभावित इलाकों से और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ी है। नेपाल में इतनी तबाही कैसे हुई?26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिरा था। इसके बाद अचानक बाढ़ आ गई। इस बाढ़ ने नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों के शहरों और गांवों में भारी...
पाकिस्तान के साथ “नो डील”…. बेल्जियम के PM ने मानी भारत की बात, हुए 10 बड़े समझौते

पाकिस्तान के साथ “नो डील”…. बेल्जियम के PM ने मानी भारत की बात, हुए 10 बड़े समझौते

अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद भारत (India) लगातार आक्रामक तरीके से पाकिस्तान (Pakistan) को वैश्विक मंच पर अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में भारत ने बेल्जियम (Belgium) को कहा कि वह पाकिस्तान के साथ किसी प्रकार का रक्षा समझौता (Defence Agreement) नहीं करे और न ही किसी प्रकार की रक्षा तकनीक का हस्तांतरण करे। बेल्जियम ने इस पर सहमति व्यक्त करते हुए भारत को आश्वस्त किया है। बेल्जियम ने मानी भारत की बातसूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन के साथ बातचीत के दौरान यह बात रखी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को रक्षा तकनीक देने का मतलब है कि उसका दुरुपयोग होना। यह तकनीकें आतंकियों तक पहुंच सकती हैं। इसलिए बेल्जियम उसे कोई तकनीक नहीं दे। बेल्जियम ने इस पर सहमति प्रकट की है। उन्होंने भारत को आश्वस्त किया कि पाकिस्तान के साथ...
पश्चिम के संपन्न देशों में भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा डरे हुए हैं लोग, जानें इसकी वजह…. !

पश्चिम के संपन्न देशों में भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा डरे हुए हैं लोग, जानें इसकी वजह…. !

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
लंदन/न्यूयॉर्क। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artifical Intelligence) से नौकरियों पर खतरा, जलवायु परिवर्तन, युद्ध की आहट और गहराता आर्थिक ध्रुवीकरण (Economic polarization)...। पश्चिमी दुनिया (Western world- अमेरिका और यूरोप) के संपन्न देशों में हर हफ्ते सामने आने वाले ओपिनियन पोल्स एक ही बात दोहरा रहे हैं, लोग भविष्य को लेकर पहले कभी इतने ज्यादा आशंकित और डरे हुए नहीं थे। 2026 में सामने आए एक सर्वे में 5 में से 2 अमेरिकी नागरिकों (40%) ने आशंका जताई कि 2276 में अपनी स्थापना के 500 साल पूरे होने तक अमेरिका शायद एक देश के तौर पर बचेगा ही नहीं। अधिकांश लोगों का मानना है कि 2050 तक उनका देश कमजोर, आर्थिक रूप से पिछड़ा और राजनीतिक तौर पर और बंटा हुआ होगा। ब्रिटेन और फ्रांस जैसे अमीर देश संकटग्रस्त मुल्कों के साथ कतार में खड़े हैं। लेकिन इसके उलट, 55 देशों में किए गए यूनिसेफ और ग्लोबल सर्वे के आंकड...
मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात पर अमेरिका बोला-भारत-ईरान के बीच कोई व्यापार समझौता नहीं….

मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात पर अमेरिका बोला-भारत-ईरान के बीच कोई व्यापार समझौता नहीं….

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वॉशिंगटन। अमेरिका (America) के विदेश मंत्री मार्को रूबियो (Foreign Minister Marco Rubio) ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान (India and Iran) के बीच किसी व्यापार समझौते (Trade Agreement) को लेकर बातचीत हो रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश ईरान की सरकार से बातचीत करते हैं। रूबियो ने यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Iranian President Masoud Pezeshkian) के बीच बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर हुई मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में की। यह सवाल फॉक्स न्यूज रेडियो के 'द ब्रायन किल्मीड शो' में उनसे पूछा गया था। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तोता ब्रायन किल्मीड ने कहा कि पीएम मोदी और पेजेशकियन की मुलाकात में ऐसा लगा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की तैयारी हो रही है। इ...