Wednesday, September 9खबर जो असर करे |
Shadow

राष्ट्रीय

जेन-जी बनी देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता शक्ति, बदली बाजार की तस्वीर….860 अरब डॉलर की खपत

जेन-जी बनी देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता शक्ति, बदली बाजार की तस्वीर….860 अरब डॉलर की खपत

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। देश की सबसे युवा पीढ़ी (Younger Generation) यानी जेन-जी (Gen Z) अब सिर्फ सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स (Digital Trends) की ताकत नहीं, बल्कि भारत की सबसे बड़ी उपभोक्ता शक्ति बन चुकी है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) (Boston Consulting Group - BCG) और स्नैप इंक की एक संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की करीब 37.7 करोड़ जेन-जी आबादी की देश के कुल खपत में हिस्सा 43% है, जिसकी कीमत करीब 860 अरब डॉलर है। दावा है कि 1997 से 2012 के बीच जन्मे जेन-जी का खर्च 2035 तक दोगुने से ज्यादा बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ डॉलर हो सकता है। यह उस समय भारत के अनुमानित 3.9 लाख करोड़ डॉलर की कुल खपत का करीब आधा होगा। यानी आगामी दशक में बाजार की दिशा तय करने में जेन-जी की भूमिका निर्णायक होगी। अभी माता-पिता की कमाई, कल अपनी जेबजेन-जी की आर्थिक ताकत का एक दिलचस्प पहलू यह है कि अभी इसकी बड़ी आबादी खुद कम...
BRICS Summit: आपसी मतभेद भुलाकर क्या मजबूत साझा सुर तलाश पाएंगे ब्रिक्स देश?

BRICS Summit: आपसी मतभेद भुलाकर क्या मजबूत साझा सुर तलाश पाएंगे ब्रिक्स देश?

अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) से ठीक पहले कूटनीतिक हलकों में यह सवाल सबसे अहम है कि क्या ब्रिक्स देश (BRICS Country) अपने आपसी मतभेद भुलाकर एक मजबूत साझा सुर तलाश पाएंगे। इस चिंता की मुख्य वजह यह है कि भारत की अध्यक्षता में मई में हुई ब्रिक्स विदेश मंत्रियों (BRICS Foreign Ministers) की बैठक में तमाम कोशिशों के बावजूद किसी संयुक्त घोषणापत्र पर आम सहमति नहीं बन पाई थी। ब्रिक्स पारंपरिक रूप से सर्वसम्मति से काम करता है, लेकिन असहमति इस बात का संकेत है कि जैसे-जैसे इसका कुनबा बढ़ा है, वैसे-वैसे इसके भीतर अंतर्विरोध भी गहरे हुए हैं। क्यों फंसा था पेंच? :विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान मुख्य रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति, फलस्तीन मुद्दे और लाल सागर में नौवहन सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर सदस्य देशों के बीच तीखा मतभेद देखने को मिला था। इस गतिरोध के केंद्र में ईरान औ...
दफ्तरों में फिर नौकरियों की बहार…., अगस्त माह में भर्तियों में हुआ 14 फीसदी का इजाफा

दफ्तरों में फिर नौकरियों की बहार…., अगस्त माह में भर्तियों में हुआ 14 फीसदी का इजाफा

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) में पिछले माह कार्यालय आधारित नौकरियों (Office-Based Jobs) में सालाना आधार पर 14 फीसदी की बढ़ोतरी (Office Jobs Rise 14 Percent) दर्ज की गई। इसमें ऑटो, स्वास्थ्य सेवा और रिटेल जैसे सेक्टरों का अहम योगदान रहा। नौकरी.डॉम (Naukri.com) की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स पिछले साल अगस्त के 2,664 के मुकाबले बढ़कर 3,028 पर पहुंच गया। यह एक मासिक सूचकांक है, जो देश में व्हाइट-कॉलर (कार्यालय आधारित) नौकरियों के बाजार और भर्ती गतिविधियों की स्थिति को ट्रैक करता है। रिपोर्ट के अनुसार, वाहन क्षेत्र में भर्ती 19 फीसदी बढ़ी जबकि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 16 प्रतिशत और खुदरा क्षेत्र में 15 फीसदी की वृद्धि हुई। इनके अलावा, बीमा क्षेत्र में 12 प्रतिशत, आईटी में 11 प्रतिशत, बैंकिंग व दैनिक उपभोग की वस्तुओं से जुड़े क्षेत्र में 10-10 प्रतिशत तथा बीपीओ/आईटीईएस, तेल एव...
पांच राज्यों के चुनावों के दौरान BJP के खजाने में आए 1473 करोड़ रुपये, असम में हुए सबसे ज्यादा खर्च

पांच राज्यों के चुनावों के दौरान BJP के खजाने में आए 1473 करोड़ रुपये, असम में हुए सबसे ज्यादा खर्च

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party-BJP) के केंद्रीय पार्टी मुख्यालय को पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों (Assembly elections) के दौरान कुल 1472.8 करोड़ रुपये मिले थे। यह जानकारी पार्टी की ओर से चुनाव आयोग को सौंपे गए चुनाव खर्च के ब्योरे से सामने आई है। फिलहाल चुनाव आयोग (Election Commission) ने असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी के खर्च से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए हैं। चुनाव पूरा होने के बाद 6 मई 2026 को बीजेपी का क्लोजिंग बैलेंस 7,627.2 करोड़ रुपये था। 15 मार्च 2026 को यह राशि 6,722.6 करोड़ रुपये थी। तीन राज्यों में बीजेपी ने 160 करोड़ रुपये खर्च किएबीजेपी ने केंद्रीय मुख्यालय के साथ संबंधित राज्य और जिला इकाइयों को मिलाकर असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में कुल 160 करोड़ रुपये खर्च किए। इनमें सबसे ज्यादा खर्च असम में हुआ। आं...
MP: सीहोर के इस गांव में पानी फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस लीक… आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ, 6 लोग पहुंचे अस्पताल

MP: सीहोर के इस गांव में पानी फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस लीक… आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ, 6 लोग पहुंचे अस्पताल

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
सीहोर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर जिले (Sehore district) में पानी साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाली क्लोरीन गैस (Chlorine Gas) जब अचानक हवा में फैल जाए तो क्या होगा? आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और फिर लोगों का अस्पताल की तरफ दौड़ना। मामला लसुड़िया खास गांव (Lasudiya Khas village) का है. यहां एक पानी फिल्टर प्लांट (Water filtration plant) है, जहां तालाब के पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन गैस का इस्तेमाल किया जा रहा था. सब कुछ सामान्य था, लेकिन इसी दौरान क्लोरीन गैस के टैंक में लीकेज हो गया। गैस टैंक से बाहर निकली तो आसपास मौजूद लोगों को इसका असर महसूस होने लगा. कुछ लोगों की आंखों में तेज जलन होने लगी, तो कुछ को सांस लेने में परेशानी हुई. देखते ही देखते इलाके में हड़कंप मच गया। गैस के संपर्क में आए लोगों को इलाज के लिए सीहोर जिला अस्पताल पहुंचाया गया. यहां डॉक्टर...
तमिलनाडु में CM विजय के खिलाफ एकजुट हो रहे सारे विपक्षी दल…. सरकार गिराने की हो रही तैयारी!

तमिलनाडु में CM विजय के खिलाफ एकजुट हो रहे सारे विपक्षी दल…. सरकार गिराने की हो रही तैयारी!

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
चेन्नई। तमिलनाडु (Tamil Nadu) में मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय (Chief Minister C. Joseph Vijay) के विरोधी एकजुट होने की तैयारी कर रहे हैं। AIADMK यानी अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम ने एमके स्टालिन (M.K. Stalin) की डीएमके (DMK) को साथ आने का चैलेंज दे दिया है। साथ ही कहा है कि विजय की तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) के खिलाफ नई पार्टियां भी साथ आ सकती हैं। हालांकि, इसपर डीएमके ने अब तक कोई रिप्लाई नहीं किया है। मंगलवार को पूर्व सीएम एडापड्डी के पलनीस्वामी से जब पूछा गया कि क्या टीवीके के खिलाफ गठबंधन तैयार हो रहा है या नहीं। इसपर उन्होंने कहा, 'हां। हम भी टीवीके खिलाफ हैं। अगर कोई दूसरी पार्टी शामिल होना चाहती है, तो हम उनका स्वागत करेंगे। हमारा गठबंधन जैसा है, वैसा रहेगा। अगर दूसरी पार्टियां आना चाहती हैं, तो वो शामिल हो सकती हैं।' DMK को दिया चैलेंजइस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के प्रमुख विपक्षी...
MP के छिंदवाड़ा में भगवा झंडा हटाने पर भड़के हिंदू संगठन… प्रदर्शन के बाद खुद निगम आयुक्त ने लगाया

MP के छिंदवाड़ा में भगवा झंडा हटाने पर भड़के हिंदू संगठन… प्रदर्शन के बाद खुद निगम आयुक्त ने लगाया

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा (Chhindwara) में मंगलवार दोपहर मानसरोवर कॉम्प्लेक्स के सामने लगे भगवा झंडे को हटाने को लेकर विवाद हो गया. नगर निगम के कर्मचारियों ने पोल से भगवा झंडा (Saffron flag) उतार दिया था. जब हिंदू संगठनों के सदस्यों को पता चला कि झंडा नीचे पर पड़ा है, तो वे मौके पर पहुंचे और विरोध करने लगे, जिसके बाद वहां जल्द ही भीड़ जमा हो गई. रामलीला समिति के अध्यक्ष अरविंद राजपूत (Arvind Rajput) ने आरोप लगाया कि कलेक्टर हरेंद्र नारायण (Collector Harendra Narayan) के निर्देश पर और नगर निगम आयुक्त सीपी राय के कहने पर भगवा झंडा हटाया गया. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक नगर आयुक्त खुद मौके पर आकर झंडा दोबारा नहीं लगा देते। विरोध-प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर निगम कमिश्नर सीपी राय मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बात ...
MP: उज्जैन में प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी टस से मस नहीं हुई खड़े हनुमान जी प्रतिमा… श्रद्धालु मान रहे चमत्कार

MP: उज्जैन में प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी टस से मस नहीं हुई खड़े हनुमान जी प्रतिमा… श्रद्धालु मान रहे चमत्कार

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। इस कारण उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान जी (Standing Hanuman Ji) के मंदिर को हटाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन की टीमों ने मंदिर का ढांचा तोड़ दिया है लेकिन खड़े हनुमान जी की प्रतिमा टस से मस होने का नाम नहीं ले रही है। प्रशासन की तमाम कोशिशें विफल रही हैं। इसको श्रद्धालु चमत्कार मान रहे हैं। विरोध में हिंदूवादी संगठनों और भक्तों ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर मूर्तिं को हटाने का विरोध किया। अब तकनीकी जांच की बात कही जा रही है। सिहस्थ के मद्देनजर चौड़ी की जा रही सड़कअधिकारियों ने बताया कि उज्जैन में सिहस्थ 2028 की तैयारियों के मद्देनजर सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इस चौड़ीकरण की हद में खड़े हनुमान जी के मंदिर का कुछ हिस्सा आ रहा है जिसे ...
कॉपर की कीमत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड….ऑल टाइम हाई पर पहुंचे भाव

कॉपर की कीमत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड….ऑल टाइम हाई पर पहुंचे भाव

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। कॉपर (Copper) की कीमतों ने सोमवार को नया रिकॉर्ड (New record) बना दिया। दुनिया के प्रमुख कमोडिटी बाजार लंदन मेटल एक्सचेंज (London Metal Exchange- LME) पर कॉपर की कीमत (Copper Price) बढ़कर 14,533 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई। इसने जनवरी में बने 14,527.50 डॉलर प्रति टन के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हालांकि, बाद में कीमत थोड़ी नरम हुई और 0.7% की बढ़त के साथ करीब 14,518 डॉलर प्रति टन पर कारोबार करती रही। कॉपर की कीमत में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका के बाहर सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता है। इसके अलावा कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी मेटल्स की कीमतों को सपोर्ट दिया है। डॉलर कमजोर होने पर दूसरी करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए डॉलर में कीमत वाले मेटल अपेक्षाकृत सस्ते हो जाते हैं, जिससे डिमांड को सपोर्ट मिलता है। अमेरिका में रिकॉर्ड स्तर पर कॉपर का स्टॉककॉपर की ग्लोबल सप्ला...
ब्रिक्स समिट: 10 देशों के मेहमान आएंगे दिल्ली… जानें भारत के सामने क्या होगी बड़ी चुनौती?

ब्रिक्स समिट: 10 देशों के मेहमान आएंगे दिल्ली… जानें भारत के सामने क्या होगी बड़ी चुनौती?

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) की मेजबानी में 12-13 सितंबर को नई दिल्ली (New Delhi) में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) से पहले पश्चिम के भू-राजनीतिक गलियारों में यह बहस तेज हो रही है कि क्या इस समूह का उद्देश्य पश्चिमी वित्तीय व्यवस्था (Western Financial System) को चुनौती देना है। एक तरफ ब्रिक्स के विस्तार ने इसे वैश्विक दक्षिण की बड़ी आवाज बनाया है, वहीं पश्चिम में ऐसी आशंकाएं जताई जा रही हैं कि यह संगठन किसी नए शीत युद्ध के अखाड़े में तब्दील न हो जाए। ऐसे में भारत की असल चुनौती ब्रिक्स को पश्चिम-विरोधी धड़े वाली छवि से बचाने की होगी। पश्चिम विरोध ब्लॉक की छवि से बचना बड़ी चुनौतीयूएई, मिस्र और ईरान जैसे देशों से ब्रिक्स का दायरा बढ़ा है, लेकिन इस विस्तार ने इसके वैचारिक अंतर्विरोध भी सतह पर ला दिए हैं। रूस और चीन ब्रिक्स को डॉलर के वर्चस्व को तोड़ने और पश्चिमी संस्थानों के विकल...