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हल्दिया में दुर्गा पूजा 2026: अनूठी ‘उड़ान’ परिकल्पना और थीम पंडालों की भरमार

हल्दिया में दुर्गा पूजा 2026: अनूठी ‘उड़ान’ परिकल्पना और थीम पंडालों की भरमार

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पूर्व मेदिनीपुर, 14 अक्टूबर (हि. स.)। जिले के औद्योगिक शहर हल्दिया में इस वर्ष भी दुर्गा पूजा के अवसर पर कई आकर्षक विषयों पर आधारित पूजा पंडाल बनाए गए हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित पंडालों ने पारम्परिक रूपांकनों के साथ-साथ समकालीन थीमों को भी अपनाया है, जिससे दर्शकों को विविध रंगों और रचनात्मकता का अनूठा मिश्रण देखने को मिला। इन पंडालों में स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और वास्तुकारों ने सहयोग किया है, और प्रत्येक पंडाल का डिजाइन विशिष्ट विचारधारा को प्रतिबिंबित करता है, जिससे धार्मिक उत्सव का माहौल सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में विस्तृत हो गया है। इसी बीच, चैतन्यपुर के ‘उड़ान’ संगठन ने अपनी अनूठी परिकल्पना से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। यह समूह अपने विचारधारात्मक दृष्टिकोण को पंडाल निर्माण में प्रतिफलित करके दर्शकों को एक नया अनुभव प्रदान कर रहा है। ‘उड़ान’ ने स्थानीय स...
दुर्गा पूजा 2026 : हावड़ा के कुंडू चौधरी परिवार में नौका पूजा की तीन शताब्दी पुरानी परम्परा आज भी जीवित

दुर्गा पूजा 2026 : हावड़ा के कुंडू चौधरी परिवार में नौका पूजा की तीन शताब्दी पुरानी परम्परा आज भी जीवित

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हावड़ा, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हावड़ा के मौड़ी क्षेत्र में स्थित कुंडू चौधरी परिवार ने पिछले लगभग तीन शताब्दियों से एक विशिष्ट परम्परा को बनाए रखा है, जिसमें साल में दो बार दुर्गा उत्सव का भव्य आयोजन किया जाता है। इस परम्परा के अनुसार, वसंत ऋतु में मां बासंती की पूजा विशेष रूप से की जाती है, जबकि शरद ऋतु में मां पार्वती की आराधना की जाती है। परिवार के मुखिया के अनुसार, यह दोहराव वाली पूजा न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट करती है, बल्कि स्थानीय संस्कृति में नौका पूजा की एक प्राचीन स्वरूप को भी जीवंत बनाती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष वसंत में, जब प्रकृति नई ऊर्जा से भर जाती है, तो घर के सभी सदस्य मिलकर बासंती माँ की विशेष पूजा करते हैं, जिसमें पारम्परिक संगीत, पंक्तियों में गाए जाने वाले भजन और रंगीन पोशाकें शामिल होती हैं। उसी प्रकार, शरद ऋतु के आगमन पर, पार्वती माँ के सम्मान मे...
दुर्गा पूजा 2026 : “वंदे मातरम - मेरा भारत, भविष्य का भारत” थीम के साथ वृंदावन गार्डन दुर्गा पूजा का उद्घाटन

दुर्गा पूजा 2026 : “वंदे मातरम - मेरा भारत, भविष्य का भारत” थीम के साथ वृंदावन गार्डन दुर्गा पूजा का उद्घाटन

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कोलकाता, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। कोलकाता के वीआईपी बाज़ार में स्थित वृंदावन गार्डन दुर्गा पूजा समिति ने इस वर्ष की दुर्गा पूजा का उद्घाटन विशेष ‘वंदे मातरम - मेरा भारत, भविष्य का भारत’ थीम के साथ किया। इस थीम का चयन ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष पर भारत के गौरव एवं भविष्य की झलक पेश करने के उद्देश्य से किया गया है, जिससे राष्ट्रीय जागरूकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की भावना को बल मिलता है। समिति के अध्यक्ष ने उद्घाटन समारोह में कहा, “आज हम अपने देश के महान इतिहास को सम्मानित कर रहे हैं और साथ ही भविष्य की ओर एक नई दिशा की ओर इशारा कर रहे हैं। ‘वंदे मातरम’ की ध्वनि हमारे दिलों में गूँज रही है, और इस ध्वनि को हम दुर्गा पूजा मंडप में सुनाने के लिए गर्व महसूस कर रहे हैं।” इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने भी इस विचारधारा की सराहना की और कहा कि यह पहल राष्ट्रीय एकता तथा सांस्कृतिक समरसता को...
PM मोदी के 12 साल, सबसे लंबी अवधि तक चुने हुए पीएम रहने के रिकॉर्ड की बराबरी, क्या हैं उपलब्धियां?

PM मोदी के 12 साल, सबसे लंबी अवधि तक चुने हुए पीएम रहने के रिकॉर्ड की बराबरी, क्या हैं उपलब्धियां?

यात्रा, राष्ट्रीय
नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू के एक और रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। चुनाव के बाद जीतकर आने और लगातार शासन करने वाले प्रधानमंत्रियों के मामले में मोदी अब संयुक्त रूप से पीएम नेहरू के साथ हैं। 9 जून तक की बात करें तो एक चुने हुए पीएम के तौर पर मोदी ने लगातार 4398 दिन (2014 से जारी) शासन कर लिया है, जो कि पंडित नेहरू के कुल (और लगातार दोनों) शासन की बराबरी है। कल यानी 10 जून को पीएम मोदी इस कीर्तिमान को भी तोड़ देंगे।इस बीच पीएम मोदी ने 8 जून को ही सत्ता में 12 वर्ष पूरे किए हैं। अपने शासन के दौरान पीएम मोदी ने कई अहम योजनाओं और नीतियों को लागू करने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में यह जानना अहम है कि लगातार 12 वर्ष सत्ता में रहने और पहले पीएम के रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शासन में क्या उपलब्धियां हासिल की हैं? घरेलू, कान...
नेपाल के कामिरिता शेरपा ने ३२वीं बार एवरेस्ट के सफल आरोहण का विश्व कीर्तिमान बनाया

नेपाल के कामिरिता शेरपा ने ३२वीं बार एवरेस्ट के सफल आरोहण का विश्व कीर्तिमान बनाया

अंतरराष्ट्रीय, यात्रा
काठमांडू। नेपाल के पर्वतारोही कामिरिता शेरपा ने आज 32वीं बार सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट (सगरमाथा) के शिखर पर चढ़ाई कर विश्व कीर्तिमान बनाया। 56 वर्षीय कामिरिता ने आज सुबह 10:12 बजे दुनिया की सबसे ऊंची चोटी सगरमाथा का सफल आरोहण किया। सेवेन समिट ट्रेक्स कंपनी ने यह जानकारी दी । कामिरिता ‘एवरेस्ट मैन’ के नाम से प्रसिद्ध हैं। सबसे अधिक बार सगरमाथा पर चढ़ाई करने का विश्व रिकॉर्ड उनके ही नाम दर्ज है। सेवेन समिट ट्रेक्स ने फेसबुक पर लिखा, “32वीं बार सफल आरोहण के बाद कामिरिता और उनकी टीम फिलहाल बेस कैंप की ओर लौट रही है। उनके सुरक्षित अवतरण की कामना करते हुए काठमांडू में भव्य स्वागत की तैयारी की जा रही है।” सन् 1994 से सगरमाथा आरोहण यात्रा शुरू करने वाले कामिरिता ने 2026 तक पर्वतारोहण के क्षेत्र में अद्वितीय और अतुलनीय सफलता हासिल कर ली है। उन्हें केवल नेपाल का राष्ट्रीय गौरव ही नहीं, बल्कि व...
गौरव गोगोई विवाद पर प्रियंका गांधी का हमला, बोलीं-परिवार और बच्चों को राजनीति में घसीटना गलत

गौरव गोगोई विवाद पर प्रियंका गांधी का हमला, बोलीं-परिवार और बच्चों को राजनीति में घसीटना गलत

यात्रा, राष्ट्रीय
गुवाहाटी। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई (Priyanka Gandhi Vadra) ने असम में चल रहे सियासी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी नेता के परिवार और बच्चों को निशाना बनाना “गलत राजनीति” है। गौरव गोगोई पर आरोपों को लेकर बयानअसम कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi पर लगाए गए कथित आरोपों के संदर्भ में प्रियंका गांधी ने कहा कि राजनीति में दो तरह के नेता होते हैं—एक जो सकारात्मक मुद्दों पर बात करते हैं और दूसरे जो समाज को ध्रुवीकृत करने की कोशिश करते हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में राज्य में ध्रुवीकरण की राजनीति की जा रही है, जबकि जनता रोजगार, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर जवाब चाहती है। “परिवार को निशाना बनाना ठीक नहीं” प्रियंका गांधी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक ने...
MP में बढ़ने वाले हैं वर्तमान और पूर्व MLAs के वेतन-भत्ते… सरकार ने कर ली पूरी तैयारी

MP में बढ़ने वाले हैं वर्तमान और पूर्व MLAs के वेतन-भत्ते… सरकार ने कर ली पूरी तैयारी

मध्य प्रदेश, यात्रा, राज्य
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के विधायकों (MLAs) व पूर्व विधायकों (Former MLAs.) को जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिल सकती है, क्योंकि राज्य सरकार ने राज्य के विधायकों के वेतन और भत्ते बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए सरकार ने पूरे 9 साल बाद एक कमेटी का गठन भी कर दिया है, जिसकी बैठक आगामी 11 नवंबर को होने वाली है। सरकार पूरे 9 साल के बाद विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने (Increasing Salaries and Allowances) की तैयारी में है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में विधायक वेतन-भत्ता संशोधन विधेयक ला सकती है, जिसके जरिए विधायकों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी समेत पूर्व विधायकों की पेंशन समेत अन्य सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाएगी। हालांकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस (Major opposition party Congress) ने सरकार की इस पहल का विरोध किया है। इस बारे में प्रतिक्रिया देते हु...
हारे का सहारा, खांटू श्याम का दीवाना : अकेले पैदल निकला 1500 किलोमीटर की यात्रा पर

हारे का सहारा, खांटू श्याम का दीवाना : अकेले पैदल निकला 1500 किलोमीटर की यात्रा पर

यात्रा
उमरिया, 13 अक्टूबर (हि.स.)। भक्ति जब सच्चे मन से की जाती है तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं। ऐसी ही एक अद्भुत कहानी है खांटू श्याम जी के एक अनोखे भक्त की, जिसने अपने ईष्ट देव को हृदय में बसाकर अकेले ही 1500 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकलने का संकल्प लिया है। यह भक्त है छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के भद्रा पाली गांव का रहने वाला नितीश कुमार सिहार, उम्र मात्र 23 वर्ष। सोमवार को मप्र के उमरिया जिले से निकलते वक्‍त उनसे बातचीत में उन्‍होंने हिस से अपनी यात्रा के बारे में विस्‍तार से बताया है। नितीश बताते हैं कि वे पढ़ाई के साथ-साथ भक्ति में भी रुचि रखते हैं। लगभग 15 दिन पहले उनके मन में विचार आया कि “श्याम बाबा के दर्शन करने क्यों न पैदल जाया जाए?” बस, उसी क्षण उन्होंने बिना किसी तैयारी के अपने घर से निकलना तय किया और हाथ में श्याम बाबा का झंडा लेकर अकेले ही डेढ़ हजार किलोमीटर की इस कठिन यात्रा...
अंबिकापुर राजघराना: सरगुजा रियासत की संस्कृति, वीरता और जनसेवा का प्रतीक

अंबिकापुर राजघराना: सरगुजा रियासत की संस्कृति, वीरता और जनसेवा का प्रतीक

यात्रा, विशेष समाचार
अंबिकापुर, 12 अक्टूबर।छत्तीसगढ़ के उत्तर में स्थित सरगुजा जिला अपने गौरवशाली इतिहास और राजसी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध रहा है। सरगुजा रियासत केवल एक शासन इकाई नहीं थी, बल्कि यह संस्कृति, साहस और प्रजा-सेवा की मिसाल मानी जाती है। यहां के शासक रघुवंशी वंश से संबंध रखते थे, जिन्हें भगवान श्रीराम का वंशज माना जाता है। ऐतिहासिक दस्तावेज बताते हैं कि सरगुजा रियासत की स्थापना लगभग 1613 ईस्वी में हुई थी। प्रारंभिक शासकों में महाराज जयंतदेव और महाराज लक्ष्मणदेव का नाम उल्लेखनीय है। आने वाले वर्षों में यह रियासत छत्तीसगढ़ की प्रमुख और संगठित रियासतों में से एक बन गई। 20वीं सदी में सरगुजा का नाम महाराज रघुनाथ शरण सिंहदेव के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर पहुंचा। वे दूरदर्शी, प्रजावत्सल और शिक्षा-प्रेमी शासक थे। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में तालाबों का निर्माण, विद्यालयों की स्थापना और कृषि सुधार पर वि...
कुदरगढ़ की पवित्र गाथा: जहां देवी दुर्गा ने किया था राक्षस कुदुर का वध, आज भी गूंजती है भक्ति की घंटियां

कुदरगढ़ की पवित्र गाथा: जहां देवी दुर्गा ने किया था राक्षस कुदुर का वध, आज भी गूंजती है भक्ति की घंटियां

यात्रा, विशेष समाचार
सूरजपुर, 12 अक्टूबर।छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की घने जंगलों और ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित कुदरगढ़ माता मंदिर आस्था, इतिहास और रहस्य का अद्भुत संगम है। मान्यता है कि यही वह स्थान है जहां देवी दुर्गा ने असुर कुदुर का अंत किया था, और तभी से यह पर्वतीय क्षेत्र भक्तों के लिए शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र बन गया। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में “कुदुर” नामक राक्षस इस क्षेत्र में आतंक फैलाता था। देवी दुर्गा ने इसी स्थल पर उसका वध किया और उसी के नाम पर इस स्थान को “कुदरगढ़” कहा जाने लगा — अर्थात वह दुर्ग जहां कुदुर का अंत हुआ। राक्षस का संहार करने के बाद देवी यहीं विराजमान हो गईं, और तब से यह स्थान “मां कुदरगढ़” के नाम से प्रसिद्ध हुआ। समुद्र तल से लगभग 800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मां कुदरगढ़ मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 1000 सीढ़ियों की चढ़ाई करनी पड़ती है। भक्तों का विश्वा...