
बालोद, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। जिला स्तर पर कृषक उन्नति योजना के तहत धान की जगह अन्य फसलें लगाने वाले किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन देने की दिशा में नई पहल शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है, जिसका निर्देशन कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा कर रहे हैं।
यदि कोई किसान खरीफ वर्ष 2026 में धान के स्थान पर किसी भी अन्य खरीफ फसल का चयन करता है, तो उसे प्रति एकड़ 15,000 रुपये की प्रत्यक्ष सहायता राशि दी जाएगी। वही किसान जो पहले से दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी या कपास जैसी फसलों की खेती कर रहे हैं, उन्हें प्रति एकड़ 10,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि सीधे किसान के बैंक खाते में डी.बी.टी. (डिजिटल बैंक ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी बनती है।
आवेदन करने के इच्छुक किसानों को 31 अक्टूबर तक अपना पंजीकरण पूरा करना अनिवार्य है। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें अपने नजदीकी सेवा सहकारी समिति में जाना होगा और वहाँ उपलब्ध एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। समिति के अधिकारी पंजीकरण में सहायता करेंगे और सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की जांच करेंगे।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने इस पहल के बारे में कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे किसानों को अधिकतम लाभ मिले और वे अपने खेतों में विविध फसलों की रोपाई करके आर्थिक स्थिरता हासिल कर सकें। इसलिए सभी किसान जल्द से जल्द पंजीकरण कराकर इस योजना का पूरा लाभ उठाएँ।”
अंत में, कृषि विभाग ने सभी किसानों से अपील की है कि वे देरी न करें, अपने निकटतम सेवा सहकारी समिति में जाकर पंजीकरण करवाएँ और निर्धारित अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से पहले योजना का पूर्ण लाभ उठाएँ।
