
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की 11 छात्राओं द्वारा दायर की गई कथित दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों के संदर्भ में राष्ट्रीय महिला आयोग से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने की माँग की है। भाजपा महिला मोर्चा के राष्ट्रीय प्रमुख ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं के खिलाफ हो रहे इन गंभीर आरोपों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता और संबंधित मामलों की पूरी जांच के बाद उचित सजा दिलवाने की आवश्यकता है।
इस दौरान कांग्रेस सांसद और जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमो ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिये सभी संस्थानों को कड़े नियमों का पालन करना चाहिए और किसी भी प्रकार की लैंगिक हिंसा को सख्त दंड के तहत लाया जाना चाहिए। डॉ. बिमो ने यह भी इंगित किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और शीघ्रता बरतनी चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
भाजपा महिला मोर्चा ने यह स्पष्ट किया कि उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग को लिखित में आधिकारिक नोटिस भेजा है, जिसमें शिकायतों की पूरी फ़ाइल और संबंधित साक्ष्य संलग्न हैं। वे इस बात पर ज़ोर देते हैं कि राष्ट्रीय महिला आयोग को इस मामले को प्राथमिकता देते हुए, प्रभावित छात्राओं को आवश्यक समर्थन, काउंसलिंग और सुरक्षा उपाय प्रदान करने चाहिए।
जवाब में राष्ट्रीय महिला आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा कि आयोग सभी शिकायतों की गहन जांच करेगा और आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करके उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आयोग महिला अधिकारों की रक्षा में अपने कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी और तत्परता से निभाएगा।
इस प्रकार, जेएनयू में हुई यह घटना राजनीतिक दलों, शैक्षणिक समुदाय और अधिकारिक संस्थानों के बीच एक व्यापक चर्चा का कारण बन चुकी है, जहाँ सभी पक्षों ने छात्राओं की सुरक्षा और न्याय की मांग को प्रमुखता से उठाया है।
