
कांकेर, 14 अक्टूबर (हिंदुस्तान) — एंटी करप्शन ब्यूरो ने जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को, जो सुन्दर लाल बच्छड़ तथा प्रवीण उर्फ रिंकू चंद्राकर के नाम से कार्यरत थे, 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
जांचकर्ता बताते हैं कि शिकायत के बाद विशेष टीम ने दोनों अधिकारियों के कार्यालय और उनके आवासीय क्षेत्र में गुप्त निगरानी रखी। प्राप्त जानकारी के आधार पर, 13 अक्टूबर को एक स्थानीय किसान को मिलने के दौरान, बच्छड़ और चंद्राकर को नगद रूप में 20 हजार रुपये की धनराशि स्वीकारते देखा गया। इस दौरान अधिकारी स्पष्ट रूप से रक़म को थैले में रख कर ले जा रहे थे, जिससे उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट हो गई।
रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार करने के बाद दोनों अधिकारियों को पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहाँ उन्हें मौखिक और लिखित बयान दर्ज करने के बाद जेल में बंधक कर दिया गया। एंटी करप्शन ब्यूरो ने बताया कि इस घटना के संबंध में प्रारम्भिक जांच ने यह पुष्टि की है कि अधिकारी ने कृषि योजना के तहत किसानों को मिलने वाले अनुदान के बदले यह रिश्वत ली थी।
स्थानीय प्रशासन ने इस कदम को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने कहा, “ऐसे मामलों में शीघ्र कार्रवाई करना और दोषियों को क़दम उठाते देखना, सार्वजनिक विश्वास को पुनर्स्थापित करने में मदद करता है।”
जांच के दौरान एक और तथ्य सामने आया कि दोनों अधिकारियों ने पहले भी समान प्रकार के भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्तता की साजिश रची थी, परंतु इस बार एंटी करप्शन ब्यूरो की सक्रियता के कारण उन्हें पकड़ा गया।
अधिकारियों के खिलाफ अब साक्ष्य के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और आपराधिक मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। न्यायिक प्राधिकरणों को यह मामला आगे ले जाकर उचित दंड देने का निर्देश दिया गया है, जिससे भविष्य में इसी प्रकार के भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
