
जगदलपुर, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। आदिवासी बहुल्य बस्तर अंचल की प्रतिभाएँ अब राष्ट्रीय मंच पर अपने वैज्ञानिक सोच और मेधा का लोहा मनवा रही हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छिंदावाड़ा, दरभा के दो होनहार छात्राएँ, लक्ष्मी भारद्वाज (कक्षा 12वीं) और गौरी नाग (कक्षा 11वीं), ने हाल ही में आयोजित नेशनल विज्ञान, प्रौद्योगिकी व नवाचार क्विज 4.0 में चयन प्राप्त किया। यह चयन उन हजारों विद्यार्थियों में से किया गया जो देश भर के विभिन्न चरणों में इस प्रतिस्पर्धी क्विज़ में भाग लेने के लिये तैयार थे।
क्विज़ का उद्देश्य विज्ञान‑प्रौद्योगिकी के प्रति छात्रों की रूचि बढ़ाना, नवाचारी सोच को प्रोत्साहित करना और ग्रामीण‑शहरी अंतर को पाटते हुए भारतीय युवा वर्ग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। छिंदावाड़ा के इस विद्यालय ने पिछले वर्षों में भी विज्ञान‑मेलन और विभिन्न राज्य‑स्तर के प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, लेकिन राष्ट्रीय क्विज़ में दो छात्राओं का चयन इस क्षेत्र के लिए नई उपलब्धि है।
लक्ष्मी भारद्वाज ने बताया, “मैं इस अवसर को अपने परिवार और शिक्षकों के सहयोग के बिना नहीं प्राप्त कर पाती। इस मंच पर पहुँच कर मैं अपने प्रदेश की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक समृद्धि को विश्व के सामने प्रस्तुत करना चाहती हूँ।” गौरी नाग ने अपने उत्साह को शब्दों में बांधते हुए कहा, “यह जीत मेरे लिए केवल एक शुरुआत है, मैं आगे भी विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में शोध‑प्रयोग करती रहूँगी।”
विद्यालय प्रिंसिपल ने कहा कि विद्यालय की शिक्षण‑पद्धति, नियमित प्रयोगशाला कार्य और विद्यार्थियों के व्यक्तिगत मार्गदर्शन ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी संकेत किया कि अब स्कूल की टीम राष्ट्रीय क्विज़ के अगले चरण के लिये तैयारियों में जुटी है, जिसमें लिखित परीक्षण और व्यावहारिक प्रस्तुति शामिल होंगी।
छिंदावाड़ा, बस्तर की यह दो छात्रा राष्ट्रीय विज्ञान मंच पर अपना नाम दर्ज कर रहे हैं, जिससे प्रदेश के शैक्षिक मानचित्र में नई दिशा का संकेत मिलता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य को उज्जवल करेगी, बल्कि पूरे बस्तर अंचल के विद्यार्थियों को प्रेरित करेगी कि वे भी विज्ञान‑प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार कर सकें।
