
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। रणधीर जायसवाल ने आज भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से एक विस्तृत बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने 12 अक्टूबर को ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव डॉ. मोहसेन रेज़ाई के साथ एक महत्वपूर्ण बातचीत की। इस बातचीत में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय मुद्दों और व्यापक क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य को लेकर अपने‑अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।
बयान में विशेष रूप से यह उजागर किया गया कि इस सत्र के दौरान भारतीय नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने, जहाज़ों के पारगमन को सुरक्षित बनाये रखने और संभावित जोखिमों को कम करने के लिए सहयोगी उपायों का प्रस्ताव रखा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह स्पष्ट किया कि इस प्रकार की बातचीत भारत‑ईरान संबंधों के रणनीतिक पहलू को सुदृढ़ करने में मदद करती है और दोनों देशों के बीच पारस्परिक विश्वास को बढ़ाती है।
जायसवाल ने कहा, “हमारा यह संवाद न केवल द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाता है, बल्कि समुद्री क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हमारी प्रतिबद्धता को भी प्रतिबिंबित करता है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भविष्य में इस तरह के नियमित संवाद को जारी रखने की इच्छा है, ताकि समुद्री डकैती, समुद्री सीमा उल्लंघन और अन्य चुनौतियों के खिलाफ सामूहिक प्रतिक्रिया को सुनिश्चित किया जा सके।
ब्यूरो ने यह भी बताया कि इस चर्चा के बाद दोनों पक्षों ने आगे के कार्यान्वयन के लिए एक कार्यसमिति बनाने पर सहमति व्यक्त की है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा उपायों को वास्तविकता में लागू करना और सहयोग को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देना है। यह कदम भारतीय नाविकों के जीवन की सुरक्षा को एक नई दिशा प्रदान करेगा और क्षेत्रीय शांति के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
