
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को थाइलैंड की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा आरम्भ की, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) तथा विश्व बैंक समूह की सालाना बैठकों के साथ-साथ जी-20 और जी-7 के वित्त मंत्रियों के सम्मेलनों में भाग लेना शामिल है।
विमान से उतरते ही सीतारमण ने थाई सरकार के प्रतिनिधियों के साथ स्वागत समारोह में भाग लिया, जहाँ दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। थाई राजकोषीय मंत्री के साथ हुई बातचीत में दोनों देशों के बीच निर्यात‑आयात, निवेश प्रवाह और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नई पहलें प्रस्तावित की गईं।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस दौर का मुख्य उद्देश्य वैश्विक आर्थिक पुनरुत्थान पर साझा दृष्टिकोण बनाना है, विशेषकर विकासशील देशों को सामना कर रहे वित्तीय जोखिमों को कम करने के संदर्भ में। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आईएमएफ और विश्व बैंक समूह की वार्षिक बैठकों में सदस्य देशों को मौद्रिक नीतियों, वित्तीय स्थिरता और सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) की दिशा में सहयोगी रणनीतियाँ तैयार करने का अवसर मिलता है।
दौरे के दौरान, निर्मला सीतारमण ने थाई राजधानी बैंक के प्रमुख अधिकारियों से मुलाक़ात की और भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार अवसरों का पता लगाया। उन्होंने थाई सरकार को भारत की आर्थिक नीति में लाए जा रहे सुधारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिसमें कर सुधार, विनिर्माण सुदृढ़ीकरण और स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने के उपाय शामिल हैं।
चार दिवसीय यात्रा के समापन पर, सीतारमण ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को अगले वित्तीय वर्ष में दो गुना करने के लक्ष्य को पुनः स्थापित किया और भविष्य में सहयोग के नए आयाम खोलने की प्रतिबद्धता जताई। इस यात्रा से भारत‑थाईलैंड संबंधों में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है।
