
शिमला, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। पूर्व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने विपक्ष की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत के लिए 21वीं सदी का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि विपक्ष लोकतंत्र को संसद से सड़क पर ला रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के लिए सभी राजनीतिक दलों को संस्थागत मंचों के भीतर ही अपने मतभेद सुलझाने चाहिए, न कि सार्वजनिक सड़कों पर प्रदर्शनों के माध्यम से। शांता कुमार ने कहा कि संसद की गरिमा और जनता के विश्वास को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में गंभीर क्षति हो सकती है।
