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दिल्ली में विरोध‑प्रदर्शनों से 10 दिनों में व्यापारियों को 4 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान, खंडेलवाल ने बताया

दिल्ली में विरोध‑प्रदर्शनों से 10 दिनों में व्यापारियों को 4 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान, खंडेलवाल ने बताया

आर्थिक
दिल्ली, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे विरोध‑प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को पिछले दस दिनों में लगभग 4 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान झेड़ना पड़ा है। खंडेलवाल ने कहा कि यदि यह व्यवधान लम्बे समय तक बना रहा तो दिल्ली में प्रतिदिन 400 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार प्रभावित हो सकता है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में औसतन रोजाना लगभग 2,200 करोड़ रुपये का व्यापारिक कारोबार होता है और राजधानी का विस्तृत व्यापारिक ढांचा किसी भी प्रकार के अवरोध से गंभीर रूप से कंपित हो जाता है। इन आँकड़ों के आधार पर उन्होंने अनुमान लगाया कि 10 दिनों में कुल नुकसान 4,000 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुँच सकता है। संवैधानिक सीमाओं की ओर इशारा करते हुए खंडेलवाल ने कहा कि संविधान के अनुच्छ...
आज बलोचिस्तान जल रहा, नौजवान पहाड़ों पर चढ़ गए: मेंगल

आज बलोचिस्तान जल रहा, नौजवान पहाड़ों पर चढ़ गए: मेंगल

अंतरराष्ट्रीय
इस्लामाबाद, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सردار अख्तर मेंगल, जो बलोचिस्तान नेशनल पार्टी के प्रमुख हैं, ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन का लाइसेंस तो जारी कर दिया गया है, परन्तु बलोचिस्तान में अब तक कितने ऑपरेशन किए गये और उनके परिणाम क्या रहे, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा, “आज बलोचिस्तान जल रहा है और नौजवान पहाड़ों पर चढ़ गये हैं।” द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, मेंगल ने खैबर पख़्तूनख़्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी एवं उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी का उल्लेख किया और कहा, “इस प्रांत के चुने हुए मुख्यमंत्री और स्पीकर गायब हैं। उनकी सरकार भी छीन ली गई है और शान्तिपूर्ण विरोध की इजाज़त नहीं है। ऐसा सिस्टम काम नहीं करेगा। खैबर पख़्तूनख़्वा और बलोचिस्तान के लोगों को यकीन दिलाया जाता है कि वे गुलाम हैं, लेकिन जब तक हम एक देश नहीं बन जाते, हमें गुलाम ही रखा जाएगा।” मेंगल ने ...
सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी के आज के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी के आज के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार किया

कानून
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। आज सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में सीजेडीपी (सीजेपी) द्वारा आयोजित प्रदर्शन पर रोक लगाने का कोई आदेश नहीं दिया। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि इस विषय पर पहले ही दिल्ली उच्च न्यायालय ने आदेश जारी कर दिया था। वकील अनंत देहादराय ने मुख्य न्यायाधीश की बेंच के समक्ष यह याचिका दायर की थी कि प्रदर्शन को रोक दिया जाए, क्योंकि इससे आसपास के दुकानदारों को काफी आर्थिक नुकसान हो सकता है। अनंत देहादराय ने कहा, “इस प्रदर्शनी के कारण छोटी दुकानों के मालिकों की आजी‑विकी पर सीधा असर पड़ेगा।” इस बात पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “हमें आशा है कि सभी लोग समझदारी से कार्य करेंगे। छोटी दुकानें चलाने वाले लोग आजकल अपने रोज़गार के लिए बहुत संघर्ष कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट को यह ज्ञात है कि ऐसे समय...
विपक्ष लोकतंत्र को संसद से सड़क पर ला रहा है, शांता कुमार ने की चेतावनी

विपक्ष लोकतंत्र को संसद से सड़क पर ला रहा है, शांता कुमार ने की चेतावनी

राष्ट्रीय
शिमला, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। पूर्व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने विपक्ष की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत के लिए 21वीं सदी का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि विपक्ष लोकतंत्र को संसद से सड़क पर ला रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के लिए सभी राजनीतिक दलों को संस्थागत मंचों के भीतर ही अपने मतभेद सुलझाने चाहिए, न कि सार्वजनिक सड़कों पर प्रदर्शनों के माध्यम से। शांता कुमार ने कहा कि संसद की गरिमा और जनता के विश्वास को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में गंभीर क्षति हो सकती है।...
मछुआरों ने नर्मदा बचाओ आंदोलन के तहत विशाल नाव रैली निकाली

मछुआरों ने नर्मदा बचाओ आंदोलन के तहत विशाल नाव रैली निकाली

मध्य प्रदेश, राज्य
बड़वानी, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में नर्मदा बचाओ आंदोलन के अंतर्गत नर्मदा घाटी के विस्थापित मछुआरों ने सोमवार को अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की मांग करते हुए नर्मदा नदी में एक विशाल नाव रैली आयोजित की। इस रैली का नेतृत्व वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने किया, जिसमें 30 से अधिक नावों पर सवार सैकड़ों मछुआरा परिवार शामिल हुए। रैली कसरावद से राजघाट तक आयोजित की गई। नाव रैली के माध्यम से मछुआरों ने सरकार और प्रशासन का ध्यान उनकी वर्षों से लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया। रैली के समापन के बाद मछुआरा संगठनों ने कलेक्टर बड़वानी को 10 सूत्रीय मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा। नर्मदा घाटी के मछुआरे विस्थापन के सबसे बड़े पीड़ित हैं, ऐसा कहना मेधा पाटकर ने किया। उन्होंने कहा कि दशकों बाद भी मछुआरों को उनके कानूनी अधिकार नहीं मिले हैं। पाटकर ने चेतावनी दी क...
दिल्ली में अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीएमसी सांसद हिरासत में लिए गए

दिल्ली में अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीएमसी सांसद हिरासत में लिए गए

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News कोलकाता में ‘आई-पैक’ के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने पिछले शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सांसद अपने हाथों में प्लेकार्ड लिए हुए थे, जिन पर तरह-तरह के नारे लिखे थे। बाद में, दिल्ली पुलिस ने इन सांसदों को हिरासत में ले लिया और उन्हें संसद मार्ग थाने ले गई। हिरासत में लिए गए सांसदों में डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आज़ाद और डॉ. शर्मिला सरकार प्रमुख रूप से शामिल थे। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि कल पूरे भारत, विशेषकर बंगाल ने देखा कि गृह मंत्रालय ने कैसे ईडी का दुरुपयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी को उनकी पार्टी की राजनीति...
आई-पैक विवाद : ईडी के विरोध में सड़क पर उतरीं ममता, कोलकाता में निकाली विरोध रैली

आई-पैक विवाद : ईडी के विरोध में सड़क पर उतरीं ममता, कोलकाता में निकाली विरोध रैली

राष्ट्रीय
कोलकाता, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परामर्श संस्था इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के विरोध में प्रदेश की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी शुक्रवार को सड़क पर उतर आईं। दक्षिण कोलकाता में उन्होंने एक विशाल विरोध मार्च का नेतृत्व किया, जिसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस की शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। ममता बनर्जी आठ बी बस स्टैंड इलाके से हाजरा मोड़ तक पैदल चलीं। उनके साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी के कई प्रमुख नेता मौजूद थे। रैली के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। यह विरोध मार्च एक दिन पहले की उस घटना के बाद ...