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प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर कांग्रेस की टिप्पणी पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का तीखा विरोध

प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर कांग्रेस की टिप्पणी पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का तीखा विरोध

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर कठोर शब्दों में निंदा की। उन्होंने रविवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा कि कांग्रेस ने राजनीतिक हताशा में आकर भाषा की मर्यादा और भारतीय संस्कारों की सीमाओं को भी उल्लंघन कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री के प्रति राजनीतिक प्रतिपक्ष में कांग्रेस की यह अभद्र टिप्पणी उनके गिरते हुए विचारधारा और वैचारिक दिवालियेपन को उजागर करती है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को निशाना बनाकर की गई इस तरह की घृणित भाषा का पूरा देश देख रहा है।” साथ ही साय ने उल्लेख किया कि जनता ने पहले भी कांग्रेस की “संस्कारहीन और ओछी” राजनीति को पहचान लिया है और “जब‑जब कांग्रेस ऐसे शब्दों का ...
आज बलोचिस्तान जल रहा, नौजवान पहाड़ों पर चढ़ गए: मेंगल

आज बलोचिस्तान जल रहा, नौजवान पहाड़ों पर चढ़ गए: मेंगल

अंतरराष्ट्रीय
इस्लामाबाद, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सردار अख्तर मेंगल, जो बलोचिस्तान नेशनल पार्टी के प्रमुख हैं, ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन का लाइसेंस तो जारी कर दिया गया है, परन्तु बलोचिस्तान में अब तक कितने ऑपरेशन किए गये और उनके परिणाम क्या रहे, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा, “आज बलोचिस्तान जल रहा है और नौजवान पहाड़ों पर चढ़ गये हैं।” द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, मेंगल ने खैबर पख़्तूनख़्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी एवं उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी का उल्लेख किया और कहा, “इस प्रांत के चुने हुए मुख्यमंत्री और स्पीकर गायब हैं। उनकी सरकार भी छीन ली गई है और शान्तिपूर्ण विरोध की इजाज़त नहीं है। ऐसा सिस्टम काम नहीं करेगा। खैबर पख़्तूनख़्वा और बलोचिस्तान के लोगों को यकीन दिलाया जाता है कि वे गुलाम हैं, लेकिन जब तक हम एक देश नहीं बन जाते, हमें गुलाम ही रखा जाएगा।” मेंगल ने ...
फ्रांस में मैक्रों के खिलाफ लाखों का प्रदर्शन, पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया

फ्रांस में मैक्रों के खिलाफ लाखों का प्रदर्शन, पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया

अंतरराष्ट्रीय
Paris, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। फ्रांस में शनिवार को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ तीव्र असंतोष फूट गया, जिससे लगभग साढ़े पाँच लाख लोग सड़कों पर उतर आए। राजधानी पेरिस में ही अनुमानित एक लाख प्रदर्शनकारियों की संख्या बताई गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर सीएनएन के अनुसार कुल लगभग 5,50,000 लोग शामिल हुए, जिनमें से 1,10,000 ने पेरिस में हिस्सा लिया। आयोजकों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे भी अधिक थी। रविवार तक, विरोध का माहौल पेरिस से बाहर भी रेनेस, ल्योन और मार्सिले जैसे बड़े शहरों में फैला। कई तस्वीरों में प्रदर्शनकारियों को ऐतिहासिक मूर्तियों पर चढ़ते और सार्वजनिक इमारतों में आग लगाते दिखाया गया। शाम होते‑ही लिले और मार्सिले में कुछ समूहों ने सरकारी इमारतों में घुसपैठ कर दी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मैक्रों के नेतृत्व में लोकतंत्र “अस्थिर” हो गया है, ...
(पुन: अपडेट) कांग्रेस पर राजनाथ सिंह का आरोप: देश को हिंसा और अराजकता की आग में झोंकना

(पुन: अपडेट) कांग्रेस पर राजनाथ सिंह का आरोप: देश को हिंसा और अराजकता की आग में झोंकना

राष्ट्रीय
लखनऊ, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर “देश में हिंसा और अराजकता का माहौल पैदा करने” का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी दल अपने “राजनीतिक पराजय का बदला” देश से लेना चाहता है। उन्होंने बताया कि “Regime Change” और “प्रतिरोध” जैसे नारे लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश हैं। सिंह शुक्रवार को लखनऊ के दूसरे दिन प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में यह बात कहे। उन्होंने कहा कि “महात्मा गांधी का राजनीतिक उत्तराधिकारी” का दावा करने वाली कांग्रेस ने “हिंसा और अराजकता की राजनीति” अपनाकर गांधी नाम के उपयोग का नैतिक आधार खो दिया है। सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस “भारत में बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां पैदा करने” का सपना देख रही है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के 37 वर्षों से सत्ता से बाहर रहने के कारणों में “वोट चोरी के आरोप” या “कार्यशैली एवं कामकाज क...
हार्वर्ड के एक बड़े वर्ग ने भारत की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ चल रहे अभियान पर जताई चिंता

हार्वर्ड के एक बड़े वर्ग ने भारत की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ चल रहे अभियान पर जताई चिंता

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। एक व्यापक वर्ग, जो हार्वर्ड विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और शोध समूहों से मिलकर बना है, ने भारत में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति चल रहे नकारात्मक सार्वजनिक विमर्श और एक सुनियोजित अभियान के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की। इस समूह ने कहा कि वर्तमान में चुनाव आयोग, उच्चतम न्यायालय और मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय सहित कई प्रमुख संस्थाओं को लक्ष्य बनाकर सार्वजनिक राय को प्रभावित करने के प्रयत्न देखे जा रहे हैं। समूह के प्रमुख प्रवक्ता ने कहा, “हम इस बात को लेकर अत्यंत चिंतित हैं कि लोकतंत्र की बुनियादी संस्थाएँ, जो किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र की स्थिरता और न्यायसंगतता को सुनिश्चित करती हैं, उन पर निरंतर आलोचना और अपमानजनक टिप्पणी की जा रही है। ऐसी सुनियोजित अभियान न केवल संस्थागत स्वतंत्रता को कमजोर करती है, बल्कि नागरिकों में भरोसे को भी क्षति पहुंचाती ह...
आरटीआई: दो दशकों का सफर और चुनौतियां

आरटीआई: दो दशकों का सफर और चुनौतियां

लेख
By: आत्मदीप 12 अक्टूबर, 2005 को जब देश में सूचना का अधिकार अधिनियम लागू हुआ तो यह हमारे लोकतंत्र में शासन और नागरिक के संबंध को बदलने वाली ऐतिहासिक क्रांति थी। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में सरकार और जनता के (लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)
विपक्ष लोकतंत्र को संसद से सड़क पर ला रहा है, शांता कुमार ने की चेतावनी

विपक्ष लोकतंत्र को संसद से सड़क पर ला रहा है, शांता कुमार ने की चेतावनी

राष्ट्रीय
शिमला, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। पूर्व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने विपक्ष की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत के लिए 21वीं सदी का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि विपक्ष लोकतंत्र को संसद से सड़क पर ला रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के लिए सभी राजनीतिक दलों को संस्थागत मंचों के भीतर ही अपने मतभेद सुलझाने चाहिए, न कि सार्वजनिक सड़कों पर प्रदर्शनों के माध्यम से। शांता कुमार ने कहा कि संसद की गरिमा और जनता के विश्वास को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में गंभीर क्षति हो सकती है।...
प्रचंड ने कहा, ओली के साथ चुनावी तालमेल की कोई संभावना नहीं

प्रचंड ने कहा, ओली के साथ चुनावी तालमेल की कोई संभावना नहीं

अंतरराष्ट्रीय
काठमांडू, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ ने स्पष्ट कहा है कि इस चुनाव में केपी शर्मा ओली के साथ कोई चुनावी तालमेल नहीं किया जाएगा। उन्होंने आज काठमांडू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वे सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ संवाद कर रहे हैं। ओली का नाम लेते हुए, प्रचंड ने कहा कि उनके साथ चुनावी तालमेल की कोई संभावना नहीं है। प्रचंड ने बताया, “मैं यह बात पूरी स्पष्टता से कहना चाहता हूं कि मेरी बातचीत राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के नेताओं से हो रही है और कांग्रेस के नेताओं से भी। हाल ही में मैंने शेरबहादुर देउवा से मुलाकात की और आज गगन थापा से भी बातचीत जारी है। केपी ओली से बातचीत करना इसका मतलब नहीं है कि कोई सिद्धांत या पहचान खत्म हो जाती है। सभी से संवाद जारी रहेगा।” उन्होंने कहा कि इस बार पार्...