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(पुन: अपडेट) कांग्रेस पर राजनाथ सिंह का आरोप: देश को हिंसा और अराजकता की आग में झोंकना

लखनऊ, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर “देश में हिंसा और अराजकता का माहौल पैदा करने” का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी दल अपने “राजनीतिक पराजय का बदला” देश से लेना चाहता है। उन्होंने बताया कि “Regime Change” और “प्रतिरोध” जैसे नारे लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश हैं। सिंह शुक्रवार को लखनऊ के दूसरे दिन प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में यह बात कहे।

उन्होंने कहा कि “महात्मा गांधी का राजनीतिक उत्तराधिकारी” का दावा करने वाली कांग्रेस ने “हिंसा और अराजकता की राजनीति” अपनाकर गांधी नाम के उपयोग का नैतिक आधार खो दिया है। सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस “भारत में बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां पैदा करने” का सपना देख रही है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के 37 वर्षों से सत्ता से बाहर रहने के कारणों में “वोट चोरी के आरोप” या “कार्यशैली एवं कामकाज की विफलता” को जनता अच्छी तरह समझती है, उन्होंने जोड़ा।

राजनाथ सिंह ने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि “चौरी‑चौरा की हिंसक घटना के बाद गांधीजी ने आंदोलन वापस ले लिया था।” उन्होंने बताया कि “सत्ता परिवर्तन”, “प्रतिरोध” और “संसद नहीं, सड़क से ही रास्ता निकालना है” जैसे बयानों से अराजकता को बढ़ावा मिलता है, विकास यात्रा में बाधा आती है।

रक्षा मंत्रालय की उपलब्धियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, रक्षा उत्पादों का निर्यातक बन चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा, साख और विश्वसनीयता में वृद्धि हुई है।

सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी “चुनावी व्यवस्था पर संदेह” नहीं किया और न ही “संविधानिक संस्थाओं को बदनाम” किया। उन्होंने कहा, “भारत का भविष्य हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। हमें टकराव नहीं, संवाद और राष्ट्र निर्माण का मार्ग चुनना चाहिए।”

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को “लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर ‘Politics of Disruption’” करने के बजाय जनमत का सम्मान करने और आत्ममंथन करने का आह्वान किया। सिंह ने कहा कि “सत्ता परिवर्तन” शब्द का प्रयोग दर्शाता है कि कांग्रेस का उद्देश्य सुधार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार या युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए नहीं, बल्कि अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करना है।

रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि “युवा ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक कार्यों के बजाय राजनीतिक टकराव के लिए किया जा रहा है” और यह जरूरी है कि “युवाओं को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाते हुए” बचा जाए।

प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी के अन्य नेताओं ने भाग लिया।

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