
भोपाल, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के ग्राम कोसमी में हाल ही में मकान तोड़ने के कार्यवाही से आदिवासियों में गहरा आक्रोश फूट पड़ा है। 5,000 से अधिक आदिवासी, जो आसपास के गाँवों से आए हैं, ने पदयात्रा शुरू करके भोपाल की ओर कदम बढ़ाए हैं। गुरुवार रात उनका जथा कोनाझिर में रुक गया, जहाँ वे 17 अक्टूबर को डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री से मिलने के लिए तैयार हैं, ताकि उन्हें भूमि से जुड़े दस्तावेज दिखा सकें और पट्टे की मांग कर सकें।

साथ ही, उसी रात केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के निवास पर पहुँचकर समत्व भवन में डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में बोल्ड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल, बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव तथा अनुसूचित जनजाति समुदाय के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं समाजजन शामिल थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को कोसमी ग्राम में भड़कती घटनाओं के बारे में सूचित किया तथा एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की जाँच पूरी गंभीरता से चल रही है और सभी के साथ न्याय किया जाएगा।

ग्राम कोसमी में 11 अक्टूबर को वन विभाग के कार्यवाहियों के दौरान 12 परिवारों के मकान तोड़ दिए गए और फसलों को भी कुचल दिया गया। इसके बाद गाँव में लगातार धरना चलती रही। केंद्रीय मंत्री ने इस कार्रवाई के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “मेरे क्षेत्र में जुल्म की इंतिहा हुई है। बच्चों की चीखें और महिलाओं की कराह सुनी है। मासूमों को बिलखते देखा है।”

कोसमी के अलावा, 35 से अधिक गांवों के हजारों आदिवासी ने वन विकास निगम की कार्रवाई के विरोध में एकजुट होकर भोपाल की ओर पदयात्रा शुरू की है। इस यात्रा में महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और पुरुष बड़ी संख्या में शामिल हैं, और उनके हाथों में बैनर व तख्तियां हैं। पुलिस व्यवस्था के साथ-साथ, मार्ग में डी.जी. वाहनों की भी सूचना है।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताकर, बेदखल परिवारों को जमीन का पट्टा, उचित मुआवजा और पुनर्वास की माँग करेंगे तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कदम उठाने की मांग करेंगे।
