
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी) ने वित्तीय वर्ष 2026‑27 की पहली छमाही में अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया है। इस अवधि में कंपनी की कुल आय वार्षिक आधार पर 22 % बढ़कर 16,315 करोड़ रुपये हो गई, जबकि कर‑पश्चात लाभ (पीएटी) 10.31 % बढ़कर 3,885.69 करोड़ रुपये पर पहुंचा।
रेल मंत्रालय के अधीन स्थित नवरत्न केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम आईआरएफसी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही और पहली छमाही के विस्तृत वित्तीय नतीजे जारी किए। पिछले वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में इसकी कुल आय 13,290.15 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 3,522.67 करोड़ रुपये था।
कंपनी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 1,958 करोड़ रुपये तक बढ़ा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 1,776.98 करोड़ रुपये था, यानी लगभग 10 % की वृद्धि हुई।
आईआरएफसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे ने कहा कि यह छमाही कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कॉरपोरेट गवर्नेंस और संस्थागत मजबूती के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025‑26 के वित्तीय विवरणों पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई, जो कंपनी की रिपोर्टिंग और आंतरिक नियंत्रण प्रणालियों की मजबूती को दर्शाती है।
दुबे ने यह भी उजागर किया कि ‘आईआरएफसी 2.0’ रणनीति के तहत कंपनी रेलवे‑केंद्रित विविधीकरण को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। भारतीय रेलवे से बाहर के रेलवे‑संबद्ध व्यवसायों का बढ़ता योगदान मार्जिन और लाभप्रदता को सुदृढ़ कर रहा है।
30 सितंबर 2026 तक कंपनी की कुल नेटवर्थ 60,573.35 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जबकि 31 मार्च 2026 को यह 56,748.76 करोड़ रुपये थी। दूसरी तिमाही में शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) 1.50 % वार्षिकीकृत रहा। निदेशक मंडल ने प्रति शेयर 1.15 रुपये के अंतरिम लाभांश की घोषणा भी की।
दुबे ने बताया कि भविष्य में कंपनी समग्र सरकारी दिशा‑निर्देशों के तहत समर्पित माल गलियारों, हाई‑स्पीड रेल, राष्ट्रीय बंदरगाह विस्तार और भारतीय रेलवे के साथ नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बिजली खरीद समझौते जैसी वित्तपोषण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार है।
कंपनी ने यह भी कहा कि विविधीकृत ऋण पोर्टफोलियो के विस्तार के बावजूद उसने शून्य गैर‑निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का रिकॉर्ड बनाए रखा है। आईआरएफसी मेट्रो रेल, समर्पित माल गलियारे, हाई‑स्पीड रेल, रैपिड रेल, बंदरगाह, बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में वित्तीय अवसरों का विस्तार जारी रखेगी।
मजबूत जोखिम प्रबंधन और सुदृढ़ कॉरपोरेट गवर्नेंस के साथ, कंपनी का लक्ष्य शून्य एनपीए को बनाये रखना तथा देश के बुनियादी ढांचे की वित्तपोषण जरूरतों में योगदान देना है।
