
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। भाजपा ने पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी (एएपी) सरकार पर कठोर आलोचना की। इस अवसर पर केवल सिंह ढिल्लों, जो भाजपा की पंजाब प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हैं, ने एकत्रित पत्रकारों को एक विस्तृत बयान दिया। उन्होंने कहा, “पंजाब में नशे की लहर लगातार बढ़ रही है, जबकि क़ानून‑व्यवस्था बिगड़ती जा रही है और पुलिसकर्मियों पर भरोसा कमज़ोर हो रहा है। यह स्थिति पूरी राज्य के सामाजिक ताने‑बाने को हिला रही है।”
ढिल्लों ने यह भी उजागर किया कि एएपी सरकार की नीतियों ने नशे के काबू को और अधिक कठिन बना दिया है। उन्होंने यह दावा किया कि सरकार ने नशा‑रोकथाम के लिये पर्याप्त संसाधन नहीं आवंटित किए और मौजूदा उपाय प्रभावी नहीं रहे। इसी क्रम में उन्होंने पंजाब के वर्तमान मुख्यमंत्री मनोज सिंग मान को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराते हुए कहा, “हमें इस बात का स्पष्ट जवाब चाहिए कि सरकार ने इस समस्या को हल करने के लिये क्या कदम उठाए हैं, और क्यों यह समस्या इतनी तेज़ी से बढ़ रही है।”
बयान के अंत में, केवल सिंह ढिल्लों ने एएपी सरकार पर गंभीर दबाव डाला और स्पष्ट रूप से मान को इस्तीफ़ा देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार इस मुद्दे को हल नहीं करती है तो भाजपा राज्य में अपनी विरोधी रणनीति को तीव्रता से आगे बढ़ाएगा।
इस बयान के बाद एएपी के प्रवक्ता ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने नशे के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिसमें नशा‑रोकथाम के लिए विशेष समितियों का गठन और पुनर्वास केंद्रों की स्थापना शामिल है। प्रवक्ता ने यह भी जोड़ा कि सरकार क़ानून‑व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसकर्मियों को सशक्त बनाने के लिये निरंतर काम कर रही है।
यह घटना पंजाब की राजनीति में नशा‑सम्बंधी मुद्दे को फिर से केंद्र में ले आई है, जहाँ दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच तीव्र संवाद जारी रहने की संभावना है।
