
सागर, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने सनातन हिंदू एकता रथयात्रा बुधधार के क्रम में मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक महत्वपूर्ण सभा को संबोधित किया। यह सभा गढ़ाकोटा में आयोजित हुई, जहाँ शास्त्री जी ने महिलाओं के सामाजिक और धार्मिक भूमिकाओं पर अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “बेटियो! दुर्गा बनो, काली बनो, कभी बुर्केवाली मत बनो,” जिससे यह संकेत मिला कि उन्हें शक्ति, साहस और धार्मिक दृढ़ता को अपनाने की प्रेरणा दी जा रही है, जबकि कुछ नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है।
शास्त्री जी ने नवरात्र और गरबा पंडालों की सुरक्षा पर विशेष ज़ोर दिया, यह कहकर कि इन धार्मिक कार्यक्रमों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान समय में लव जिहाद जैसी सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और इन मुद्दों पर सामुदायिक एकता और जागरूकता आवश्यक है।
सत्र के दौरान उन्होंने सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। शास्त्री जी ने कहा कि सामाजिक समर को दूर करने के लिए सभी वर्गों को मिलकर काम करना चाहिए और धार्मिक आस्थाओं को एकजुट करने की आवश्यकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस संदेश को प्रसारित करें और महिला शक्ति को सम्मानित करने के साथ साथ सामाजिक नैतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ बनाएं।
समाप्ति में शास्त्री जी ने सभी श्रोताओं को धन्यवाद कहा और आशा व्यक्त की कि उनका यह संदेश न केवल सागर बल्कि पूरे भारत में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
