
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। केंद्र सरकार ने आज घोषणा की कि सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पाँच वर्षों के लिये विस्तारित किया जायेगा। यह विस्तार वर्ष 2026‑27 से 2030‑31 तक लागू रहेगा और इसके लिये कुल परिव्यय 53,428 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इस व्यापक योजना के साथ ही मुख्य योजना तथा उसकी सभी उप‑योजनाओं के नाम बदला जाएगा, जिससे नई पहचान और दिशा स्थापित होगी।
सरकार ने बताया कि इस वित्तीय पैकेज में पेंशन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गयी है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य लाभार्थियों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। साथ ही, नाम व पात्रता में भी बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे अधिकतम जनसंख्या तक पहुँच सुनिश्चित हो सके। विशेष रूप से दिव्यांगजन के लिये नई मानदंड और लाभ संरचना तैयार की गयी है, जिसमें उनके आर्थिक समर्थन को सुदृढ़ करने के लिये अतिरिक्त सुविधाएँ शामिल होंगी।
विस्तार के तहत, सरकार ने विभिन्न सामाजिक वर्गों के लिये विशेष उप‑योजनाओं को पुनः नामांकित किया है, ताकि उनके उद्देश्य और लक्ष्य स्पष्ट रूप से परिभाषित हों। ये परिवर्तन न केवल योजना की पारदर्शिता बढ़ाएंगे, बल्कि लाभार्थियों को उनके अधिकारों और उपलब्धियों के प्रति अधिक जागरूक भी करेंगे।
इस निर्णय के पश्चात, संबंधित मंत्रालयों ने कहा कि सभी कार्यान्वयन चरणों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जायेगा और लाभार्थियों को नई नियमावली एवं प्रक्रिया के बारे में विस्तृत सूचना प्रदान की जायेगी। इस तरह, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना का विस्तार और पुनर्संरचना भारत के सामाजिक सुरक्षा जाल को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है।
