
भोपाल, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश सरकार ने पैराक्वेट डाइक्लोराइड नामक अत्यंत खतरनाक कीटनाशक के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण है कि यह रासायनिक पदार्थ मानव और पशुओं के लिए है खतरनाक माना जाता है और कई वैज्ञानिक अध्ययनों में इसका सीधा संबंध कैंसर, फेफड़े की बीमारी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है।
सरकार ने तुरंत सभी निर्माता कम्पनियों के पास बचा स्टॉक को नष्ट करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इन कंपनियों को कहा गया है कि वे अपने पास मौजूद किसी भी मात्रा को तत्काल नष्ट करने के निर्देश के अनुसार सुरक्षित तरीके से नष्ट करें, ताकि भविष्य में कोई अनजाने में उपयोग न हो सके। इस आदेश के तहत हर जिले में निरीक्षण टीमें तैनात की जाएँगी और स्टॉक की जाँच की जाएगी।
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में इस कीटनाशक से जुड़ी कई स्वास्थ्य शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें श्वास संबंधी रोग, त्वचा में जलन और किडनी फेल्योर शामिल हैं। कृषि विभाग भी इस बात से सहमत है कि पैराक्वेट डाइक्लोराइड का प्रयोग करने वाले किसानों को वैकल्पिक, कम विषैले उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
राज्य के पर्यावरण संरक्षण विभाग ने कहा कि इस प्रतिबंध से न केवल मानव स्वास्थ्य की रक्षा होगी, बल्कि जल स्रोतों और मिट्टी की भी सुरक्षा होगी, क्योंकि पैराक्वेट डाइक्लोराइड का स्थायी रूप से पर्यावरण में जमा रहना ज्ञात है।
अंत में, मुख्यमंत्री ने सभी किसानों और कृषि उद्यमियों से अपील की है कि वे इस आदेश का पूर्ण समर्थन करें और वैकल्पिक, सुरक्षित कृषि प्रथाओं को अपनाएँ। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार आवश्यक तकनीकी सहायता और आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान करेगी, ताकि इस परिवर्तन की प्रक्रिया सुगम रहे।
