
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने अपने महासचिव प्रमोद कुमार को अधिकारों के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं और जांच प्रक्रिया में सहयोग न करने के गंभीर आरोपों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम संघ के कार्यकारी समिति द्वारा आज सुबह आयोजित आपात बैठक में लिया गया।
बैठक में बीएफआई के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा, “हमारे संघ की प्रतिष्ठा और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए हमें सख्त कदम उठाने पड़े। किसी भी सदस्य द्वारा अधिकारों का दुरुपयोग या वित्तीय कुप्रबंधन स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने यह भी बताया कि एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया गया है, जो पिछले छह महीनों में हुए लेन‑देनों और खाता‑बही की विस्तृत जांच करेगी।
संघ के सचिवालय ने जारी बयान में बताया कि प्रमोद कुमार पर कई वित्तीय दस्तावेज़ों में अनियमित प्रवाह का संकेत मिला है, जिसमें सदस्य शुल्क, स्पॉन्सरशिप रसीदें और प्रशिक्षण कैंपों के खर्चे शामिल हैं। साथ ही, जांच प्रक्रिया के दौरान कई बार उनका सहयोग न करना भी दर्ज किया गया।
बीएफआई के प्रशासकीय विभाग ने कहा कि निलंबन के बाद भी प्रमोद कुमार को सभी आधिकारिक दस्तावेज़ों और फाइलों का भौतिक एवं इलेक्ट्रॉनिक रूप से सौंपना अनिवार्य होगा, ताकि जांच समिति को बिना किसी बाधा के कार्य करने का अवसर मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस प्रक्रिया में कोई और अनियमितता सामने आती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस निर्णय के बाद बीएफआई के विभिन्न राज्य संघों ने समर्थन जताया और कहा कि वे भी इस जांच में पूर्ण सहयोग देंगे। खिलाड़ियों और कोचों ने इस कदम का स्वागत किया, यह मानते हुए कि पारदर्शिता और जवाबदेही ही भारतीय बोक्सिंग को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की कुंजी है।
जांच के परिणामों के आधार पर बीएफआई के कार्यकारी समिति द्वारा अगले चरण में उचित कार्यवाही की जाएगी, जिसमें स्थायी हटाने या पुनर्स्थापन की संभावनाएँ शामिल हो सकती हैं।
