
रायगढ़, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। खरीफ विपणन वर्ष 2026‑27 में धान की खरीद को पारदर्शी, सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न करने के लिये जिला प्रशासन ने नई तैयारी तेज कर दी है। इस उद्देश्य को साकार करने के लिये प्रशासन ने हाल ही में 12 कर्मचारियों का स्थानांतरण किया, जिससे कार्यबल में आवश्यक बदलाव लाने की योजना स्पष्ट हुई।
परिचालन में आई कुछ अनियमितताओं को लेकर विभागीय जांच के बाद, चार कर्मचारियों को बर्खास्त तथा तीन को निलंबित किया गया। जिला अधिकारी राजेश कुमार (एसडीएम) ने कहा, “हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि धान खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लाचारी या अनधिकृत हेरफेर न हो। जो भी अधिकारी इस नियम के विरुद्ध कार्य करेंगे, उन्हें कड़ी सजा मिलनी ही होगी।”
जाँच टीम ने पाया कि स्थानांतरण के बाद कुछ कर्मचारियों ने आधिकारिक निर्देशों की अनदेखी की और धान की कीमत निर्धारण में व्यक्तिगत लाभ की कोशिश की। इस कारण उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। प्रशासन ने यह भी कहा कि आगामी खरीफ में किसान‑सेवा केन्द्रों (एफसीसी) में नवीनतम तकनीकी उपकरण स्थापित किए जाएंगे, जिससे बोरी‑बोरा ट्रैकिंग और मूल्य निर्धारण में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहेगी।
अतिरिक्त रूप से, जिला कृषि अधिकारी सीमा वर्मा ने बताया कि इस साल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पिछले वर्ष से 3.5 प्रतिशत अधिक होगा, जिससे किसानों को उचित लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, “नए प्रौद्योगिकी साधनों और कड़े प्रशासनिक निगरानी के साथ, हम धान खरीद को किसान‑हितैषी बनाना चाहते हैं।”
रायगढ़ में इस कदम को स्थानीय किसान संघों ने स्वागत किया है और उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहे, ताकि कृषि बाजार में विश्वास बना रहे और किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके।
