
सूरजपुर, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विशेष न्यायालय ने नशीले इंजेक्शन रखने के गंभीर आरोप में एक आरोपी को कड़ी सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश (एनडीपी) ने आरोपी सुशील देवांगन को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा और एक लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया। यह फैसला बुधवार को जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार आया, जिसमें न्यायालय ने इस प्रकार के मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिये कड़ाई से निपटने का इरादा जताया।
बयान में कहा गया कि अभियुक्त ने नशीले इंज्शन को अवैध रूप से संग्रहित किया था और इसे स्थानीय बाजार में बेचे जाने की योजना बना रहा था। जाँच में यह स्पष्ट हुआ कि इन इंजेक्शन की आपूर्ति कई छोटे-छोटे नेटवर्क के माध्यम से होती थी, जिससे क्षेत्र में नशीले पदार्थों की उपलब्धता बढ़ रही थी। अदालत ने यह भी नोट किया कि आरोपी ने न केवल खुद इन पदार्थों को संभाला, बल्कि दूसरों को भी उनका वितरण करने में सहायता की थी।
विधिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसमें ठोस वस्तु-प्रमाण, फोन रिकॉर्ड और गवाहों की गवाही शामिल थी। अभियोजक ने कहा कि इस तरह की तस्करी से न केवल सामाजिक सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि युवा वर्ग में नशे की लत का विस्तार भी हो सकता है। इस कारण न्यायालय ने 10 वर्ष की कठोर कारावास अवधि को उपयुक्त माना।
दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने यह तर्क दिया कि अभियुक्त को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले और कई कानूनी प्रक्रियात्मक त्रुटियों का उल्लेख किया। फिर भी, विशेष न्यायाधीश (एनडीपी) ने सभी प्रस्तुतियों को ध्यान में रखते हुए, कानून के सर्वोच्च सिद्धांतों के आधार पर सजा सुनाई। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक दंड का उद्देश्य भविष्य में समान अपराधों को रोकना और अपराधी को आर्थिक रूप से भी दंडित करना है।
इस निर्णय के बाद, स्थानीय पुलिस ने कहा कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिये और अधिक जांचें करेंगे और न्याय प्रणाली के सहयोग से अपराधियों को सख्त दंड दिलाएंगे। यह सजा एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है, जिससे अन्य संभावित अपराधियों को भी इस तरह के अपराधों से दूर रहने के लिये प्रेरित किया जा सके।
