Wednesday, October 14खबर जो असर करे |
Shadow

बिहन मिशन से सशक्त हो रहे ग्रामीण महिलाएं, विभिन्न उत्पादों का निर्माण

रायगढ़, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ने प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कदम उठाए हैं। इस मिशन के तहत अब तक 12,000 से अधिक ग्रामीण महिलाओं ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया है और अपने हुनर को पहचानते हुए छोटे‑मोटे उद्योग स्थापित किए हैं।

रायगढ़ जिले के बिहान प्रशिक्षण केंद्र में सिलाई‑कढ़ाई, बुनाई, जूता निर्माण, जैविक जूस एवं अचार उत्पादन, और डेयरी प्रबंधन जैसे कोर्स चलाए जा रहे हैं। इन कोर्सों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद महिलाओं को आजीविका के अवसर विकसित करने हेतु प्रारंभिक पूंजी, बाजार लिंक और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है। केंद्र के प्रबंधक ने बताया कि वर्तमान में 10 प्रशिक्षण केंद्र राज्य भर में कार्यरत हैं और इन केंद्रों में कुल 3,500 सक्रिय महिलाएँ प्रतिदिन प्रशिक्षण ले रही हैं।

बिहन मिशन की शुरुआत के दो साल बाद, रायगढ़ की एक प्रतिभागी, सुमन देवी (35) ने कहा, “मैं पहले घर के काम में ही सीमित थी, लेकिन अब मैं हथकरघा के क़ीमती उत्पाद बनाकर स्थानीय बाजार में बेचती हूँ और मेरी आय में 70 % तक वृद्धि हुई है।” इसी तरह, दुर्ग के एक समूह ने जैविक हर्बल सौंदर्य प्रसाधन बनाकर राज्य‑स्तरीय प्रदर्शनी में हिस्सा लिया, जिससे उन्हें बड़े डीलर से ऑर्डर मिला।

छत्तीसगढ़ ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक, डॉ. अजय पांडे ने कहा, “बिहान ने महिलाओं को न केवल आर्थिक स्वतंत्रता दी है, बल्कि सामाजिक तौर पर भी उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। हमारा लक्ष्य अगले पाँच साल में इस मॉडल को 30,000 महिलाओं तक पहुँचाना है।”

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मिशन के माध्यम से महिलाओं की औसत मासिक आय में रु. 3,500 से 8,200 रुपये तक की वृद्धि देखी गई है। इस वृद्धि से न केवल परिवार की वित्तीय स्थिति सुधरी है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार हुआ है।

अंत में, राज्य सरकार ने बिहान को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बजट आवंटित किया है, ताकि प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार हो, नई उत्पाद लाइनों को विकसित किया जा सके और महिलाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। यह पहल प्रदेश में स्वनिर्भरता और स्थायी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *