
भोपाल, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में साइबर अपराधों के विरुद्ध त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिये चलायी गयी “ई-जीरो एफआईआर” व्यवस्था के तहत देवास पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। पुलिस ने कटिहार, बिहार के एक निवासी को गिरफ्तार किया, जिस पर बैंक अधिकारी का नाटक कर के सेवानिवृत्त कर्मचारी से 6 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है।
जांच के अनुसार, आरोपी ने अपने आप को एक मान्य बैंक अधिकारी के रूप में प्रस्तुत किया और कई फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर के, पीड़ित को झांसा दिया। उसने बैंक के खातों की सुरक्षा प्रक्रिया को तोड़ने का दावा किया और इसके बदले में पीड़ित को निवेश के अवसर के रूप में बड़े रिटर्न का वादा किया। इस भरोसे को तोड़ते हुए, उसने पीड़ित को नकद और बैंक ट्रांसफ़र के माध्यम से कुल छः लाख रुपये जमा करवाए, जिन्हें वह तुरंत ही अपने नियंत्रण में ले गया।
घटना की सूचना मिलने पर देवास पुलिस ने तुरंत ई-जीरो एफआईआर के प्रावधानों के तहत ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज की और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के सहयोग से आरोपी की पहचान कर ली। पुलिस ने बताया कि आरोपी का डिजिटल पदचिह्न स्पष्ट था और उसने कई सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और ई‑मेल के माध्यम से संवाद किया था।
अभियुक्त को अब भोपाळ के नजदीकी पुलिस थाने में हिरासत में रखा गया है और उसे साइबर अपराध अधिनियम, 2000 के तहत मुकदमा चलाने की तैयारी जारी है। पुलिस ने इस मामले में चेतावनी दी है कि ऐसे प्रकरणों में लोगों को बैंक अधिकारी या वित्तीय सलाहकार के रूप में स्वयं को प्रस्तुत करने वाले अनजान व्यक्तियों से सावधान रहना चाहिए और किसी भी लेन‑देन से पहले आधिकारिक जांच करनी चाहिए।
इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि मध्य प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली का प्रयोग कर साइबर अपराधियों को तेज़ी से पकड़ा जा रहा है और नागरिकों को वित्तीय ठगी से बचाने के लिये प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
