
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। नशे की समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आआपा) सरकार पर तीखा हमला बोला है। केवल सिंह ढिल्लों, जो भाजपा की पंजाब प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हैं, ने आज के प्रिंट विज्ञप्ति में कहा, “पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर सरकार की निष्क्रियता असहनीय हो गई है और यह स्पष्ट है कि सत्ता में रहने वाले सभी प्रमुख नेता इस मुद्दे को हल करने में विफल रहे हैं।”
ढिल्लों ने यह भी कहा कि नशे की लत में वृद्धि ने राज्य की सामाजिक‑आर्थिक प्रगति को गंभीर नुकसान पहुँचाया है और सरकार ने “जाँच‑परख, नशीली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम” उठाने में कोताहूँ किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री मान को तुरंत इस्तीफ़ा देने का आह्वान किया, यह कहते हुए, “यदि मान जी इस संकट का समाधान नहीं कर पाते तो उनका इस्तीफ़ा ही सबसे उचित उपाय है।”
भाजपा के प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में नशे के मामलों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले 25 % बढ़ी है, और इस वृद्धि के पीछे “राज्य के अभ्यस्त क्षेत्रों में पुलिस की लापरवाही, दवाओं की आसान उपलब्धता और सरकारी नीतियों की कमी” को प्रमुख कारण बताया गया है। उन्होंने यह भी उजागर किया कि पिछले तीन महीनों में पुलिस ने केवल 150 से अधिक मामलों की रिपोर्ट दर्ज की है, जबकि वास्तविक आँकड़े इससे कहीं अधिक होने का अनुमान है।
आआपा सरकार की ओर से एक प्रवक्ता ने उत्तर दिया कि उन्होंने नशे के खिलाफ कई योजनाएँ चलाई हैं, जिनमें “नशा मुक्त विद्यालय”, “पुनर्वास केंद्र” और “सख्त जांच‑अधिकारियों की नियुक्ति” शामिल हैं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार नशे के खिलाफ निरंतर काम कर रही है, और हम किसी भी राजनीतिक हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
भाजपा ने आगे कहा कि अगले सप्ताह राज्य भर में नशा‑विरोधी जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा, और उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की। इस बीच, विपक्षी दलों और नागरिक समाज ने इस मुद्दे पर बहस को तीव्रता से बढ़ते हुए देखा, जबकि नशे के शिकार और उनके परिवारों ने सरकार से शीघ्र कार्यवाही की माँग की है।
