
सूरजपुर, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग से स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से आज बुधवार को सूरजपुर जिले के भैयाथान जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सत्यनगर में बांस कला पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सफलतापूर्वक समाप्त हुई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कृषि एवं किसान विकास विभाग के सहयोग से किया गया, जिसमें स्थानीय बांस कारीगरों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लेकर प्रतिभागियों को बांस की विभिन्न तकनीकों से परिचित कराया।
कार्यशाला में भाग लेने वाले ग्रामीणों ने बताया कि बांस का उपयोग करके विभिन्न हस्तशिल्प, फर्नीचर और सजावटी वस्तुओं का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे न केवल पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन हो सकता है, बल्कि आय का नया स्रोत भी उत्पन्न हो सकता है। प्रशिक्षकों ने बांस की कटाई, उपचार, ढालने और डिज़ाइन बनाने की विस्तृत प्रक्रियाओं को चरण-दर-चरण समझाया। साथ ही, बाजार मूल्य निर्धारण, विक्रय रणनीति और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर उत्पाद बेचने की जानकारी भी प्रदान की गई।
स्थानीय महिला उद्यमी शील्पा देवी ने कहा, “यह प्रशिक्षण हमें बांस कला में निपुण बनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने का अवसर देता है। हमने पहले कभी इस तरह के व्यापक प्रशिक्षण नहीं पाए थे।” युवा प्रतिभागी राजेश सिंह ने बताया कि वे बांस के माध्यम से छोटे पैमाने पर फर्नीचर निर्माण करके निकटतम बाजार में बेचने की योजना बना रहे हैं।
कार्यक्रम के समापन में, भैयाथान जनपद पंचायत के प्रमुख ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए और कहा कि पंचायत आगे भी ऐसी प्रशिक्षण पहलें जारी रखेगी, जिससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्थायी स्वरोजगार के अवसर मिलते रहें। इस पहल को स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने सराहा और भविष्य में बांस आधारित उद्यमों के विस्तार के लिए अतिरिक्त समर्थन की आशा व्यक्त की।
