
भोपाल, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग की सचिव सुकृति लेखी ने क्रिस्प संस्थान भोपाल का औपचारिक दौरा किया। इस अवसर पर सचिव लेखी ने संस्थान की कार्यवाही को लेकर अपने विचार प्रकट किए और विशेष रूप से पुनर्वास महानिदेशालय (डी.जी.आर) से जुड़े कर्मचारियों द्वारा संचालित केंद्रों की सराहना की।

दौरे के दौरान सचिव लेखी ने कहा, “हमारे भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास और कौशल विकास के क्षेत्र में क्रिस्प संस्थान ने जो योगदान दिया है, वह अत्यंत सराहनीय है। यह संस्थान न केवल शारीरिक पुनर्वास में मदद करता है, बल्कि आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से सैनिकों को नई नौकरियों के योग्य बनाता है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि डिजीआर के साथ सहयोग से स्थापित इस केंद्र ने कई पूर्व सैनिकों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सचिव लेखी ने यह स्पष्ट किया कि भविष्य में भी रक्षा मंत्रालय ऐसे संस्थानों के साथ साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा, ताकि भूतपूर्व सैनिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता और निरंतर निगरानी के माध्यम से लाभार्थियों की उन्नति को सुनिश्चित किया जाएगा।

दौरे का समापन एक छोटे से समारोही सत्र में हुआ, जहाँ क्रिस्प संस्थान के प्रतिनिधियों ने अपने प्रशिक्षण मॉड्यूल, कार्यशालाओं और उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। इस सत्र में कई पूर्व सैनिकों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे इस संस्थान की सहायता से उन्होंने नई क्षमताएँ हासिल कीं और रोजगार के अवसर प्राप्त किए।
सचिव लेखी ने अंत में सभी उपस्थित लोगों को धन्यवाद दिया और भविष्य में भी इस तरह के सहयोगात्मक प्रयासों के लिए अपना समर्थन दोहराया। यह दौरा भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग की नीति दिशा-निर्देशों के अनुरूप है, जिसमें सैनिकों के जीवन को पुनर्निर्मित करने और उन्हें सक्षम नागरिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
