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पीवी ऐप की खामियों के विरोध में धमतरी के राजस्व पटवारी संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा

धमतरी, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। गांधी मैदान में आज सुबह बड़े पैमाने पर नारेबाजी हुई, जहाँ स्थानीय नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों ने शासन के खिलाफ अपनी असंतुष्टि व्यक्त की। इस माहौल में, राजस्व पटवारी संघ, जिला इकाई धमतरी ने पीवी ऐप की व्यावहारिक समस्याओं, जोखिमपूर्ण कार्य परिस्थितियों और दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जैसा कि संघ के प्रमुख ने बुधवार को कहा।

हड़ताल की घोषणा करते हुए, संघ के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि पीवी ऐप के निरंतर तकनीकी गड़बड़ियों के कारण पटवारी अधिकारी अपनी नियमित कार्यवाहियों को उचित रूप से नहीं कर पा रहे हैं। ऐप में डेटा सिंक्रोनाइज़ेशन की समस्या, नेटवर्क कनेक्शन में बार-बार व्यवधान, तथा फॉर्म भरने की प्रक्रिया में अनावश्यक जटिलताओं ने काम को न केवल धीमा किया, बल्कि कई बार त्रुटियों का कारण भी बना। इन समस्याओं के चलते अधिकारी अपने क्षेत्र में कर संग्रह और भूमि रिकॉर्ड अद्यतन करने में असमर्थ हो गए, जिससे राजस्व कार्यप्रणाली पर गंभीर असर पड़ा।

इसके अलावा, जोखिमपूर्ण कार्य परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया। कई पटवारी ने बताया कि ऐप का प्रयोग करते समय उन्हें दूरस्थ और असुरक्षित क्षेत्रों में बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के काम करना पड़ता है। कुछ मामलों में, मोबाइल डेटा के अभाव में अधिकारी को हाथ में कागज़ी दस्तावेज़ लेकर कार्य करना पड़ता है, जिससे उनके व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो जाता है। इस संदर्भ में, संघ ने कहा कि प्रशासन को आवश्यक तकनीकी सहायता और सुरक्षा प्रोटोकॉल प्रदान करने में विफलता बरती है।

दमनात्मक कार्रवाई की भी शिकायतें सामने आईं। संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि जब उन्होंने इन समस्याओं को उजागर करने के लिए आधिकारिक चैनलों से संपर्क किया, तो कई बार उन्हें चेतावनी पत्र, पदस्थापना और कार्यस्थल से अस्थायी निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इस प्रकार की प्रतिक्रिया ने कर्मचारियों के मनोबल को गंभीर रूप से प्रभावित किया और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए मजबूर किया।

हड़ताल की घोषणा के बाद, कई स्थानीय निवासियों ने पटवारी संघ के साथ खड़े होकर कहा कि वे भी इस ऐप की समस्याओं से उत्पन्न हुई सेवाओं में बाधा को महसूस कर रहे हैं। कुछ व्यापारी ने बताया कि कर रसीदों का समय पर जारी न होना उनके व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इस बीच, जिला प्रशासन से अपील की गई है कि वह तुरंत पीवी ऐप की तकनीकी खामियों को दूर करे, उचित सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करे और दमनात्मक कार्रवाई को रोकते हुए कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करे।

संघ ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों को शीघ्रता से नहीं माना गया, तो वे हड़ताल को लंबा कर सकते हैं और अन्य सरकारी विभागों में भी इस मुद्दे को उठाने की संभावना बनी रहेगी। वर्तमान में, हड़ताल का प्रभाव मुख्य रूप से राजस्व संग्रह, भूमि अभिलेख अद्यतन और स्थानीय करदाताओं की सेवाओं में दिख रहा है, जो कि प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

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