
हरिद्वार, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दीपावली के अवसर पर अपने बच्चों के पास घर लौटने की चाह में पश्चिम बंगाल के दो मजदूर, राजेश सिंगह (२७) और सुनील दास (२४), ने पिछले दस महीनों से अपनी बचत जोड़ कर जनरल टिकट खरीदी थी। वे दोनों ने डायावली के पहले दो हफ़्ते में अपना सफर पूरा करने के लिए एसी कोच में अपग्रेड करने का वादा करने वाले एक अजनबी द्वारा फँसे।
अजनबी ने खुद को “मामा टीटी” कह कर पेश किया और कहा कि वह “जनरल टिकट को एसी कोच में बदलवाने” में मदद कर सकता है। विश्वास कर के दोनों मजदूरों ने अपने पास रखे नकदी, मोबाइल फ़ोन और बैग को उस व्यक्ति को सौंप दिया। परंतु, उस व्यक्ति ने तुरंत ही उनका बैग हड़प लिया, नकद और मोबाइल लेकर भाग गया।
घटना की सूचना मिलने पर हरिद्वार पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। स्थानीय पुलिस प्रमुख श्यामसुंदर सिंह ने बताया, “शिकायत मिलने पर हमने तुरंत मौके की तलाशी शुरू की और CCTV फुटेज से पहचान कर पाँच संदिग्धों को पकड़ लिया।”
पाँच गिरफ्तार शातिरों में दो मुख्य आरोपियों के साथ तीन सहायक शामिल हैं। सभी को जेल में हिरासत में रखा गया और आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस ने कहा, “जिन्हें ठगी का आरोप है, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे और पीड़ितों को उनका नुकसान वापस दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।”
राजेश और सुनील ने बताया कि वे अपने परिवार को दीर्घकालिक आर्थिक कठिनाइयों से बचाने के लिए इतनी मेहनत कर रहे थे, और इस धोखे ने उनके सपनों को धूमिल कर दिया। पुलिस ने मजदूरों को सलाह दी कि भविष्य में ऐसी किसी भी ऑफ़र को बिना आधिकारिक दस्तावेज़ के स्वीकार न करें और तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।
इस घटना ने यात्रियों में सतर्कता बढ़ा दी है, और यात्राओं के दौरान टिकट संबंधी धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
सम्पूर्ण जांच जारी है, और पुलिस ने कहा कि यदि किसी को समान घटना के बारे में जानकारी हो तो तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करें।
