
इटावा, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के जनपद इटावा के कैक थाना साइबर पुलिस ने एक बड़े पैमाने पर चल रहे ठगी के मामले में सफलता प्राप्त की। जांच के दौरान पता चला कि एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह ने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाज़ी के झाँसे पर कार्यवाही करके 500 से अधिक लोगों को निशाना बनाया और उन्हें करोड़ों रुपये की हानि पहुंचाई।
गिरोह ने नकली गेमिंग एप्लिकेशन और झूठे सट्टा साइटों के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित किया। इन प्लेटफ़ॉर्मों पर आकर्षक रिटर्न का वादा किया जाता था, पर वास्तविकता में जमा राशि को तुरंत बंद कर दिया जाता था और फिर कई बैंक खाते एवं वॉलेट में स्थानांतरित कर दिया जाता था। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें बड़े‑बड़े बोनस और जीत के प्रमाण दिखाकर भरोसा दिलाया गया, जिससे वे लगातार बड़े पैसों का निवेश करते रहे।
पुलिस ने इस धोखाधड़ी की योजना और संचालन की विस्तृत जाँच की और कई मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप, सर्वर लॉग और वित्तीय दस्तावेज़ जब्त किए। इन सबूतों ने यह स्पष्ट कर दिया कि गिरोह ने अपने अपराध को व्यवस्थित रूप से अंजाम दिया था और यह कार्यवाही कई देशों के साथ मिलकर की गई थी।

इस बड़ी कार्रवाई में कुल चार कुशल आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्हें तुरंत ही इटावा जेल में हिरासत में रखा गया और आगामी अदालत सत्र में पेश किया जाएगा। पुलिस ने कहा, “हम इस तरह के जालसाज़ी और आर्थिक अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि सभी शातिरों को सख्त सजा दिलवाई जाए और पीड़ितों को उनका हक़ वापस मिले।”
इस केस में अब तक की जानकारी के अनुसार, ठगी की कुल राशि “कई करोड़ रुपये” के आंकड़े में है, और पुलिस ने भविष्य में इसी प्रकार के ठगी‑केसों से निपटने के लिए साइबर‑सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ करने का वचन दिया है।
गिरोह के अन्य सदस्यों को खोजने के लिये व्यापक जाँच जारी है, और अधिकारियों ने आम जनता को सावधान रहने तथा किसी भी अनजान ऑनलाइन गेम या सट्टा प्लेटफ़ॉर्म में निवेश करने से पहले पूरी जानकारी लेने की सलाह दी है।
