
भोपाल, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और नए चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से 15 से 17 अक्टूबर के बीच प्रदेश के 20 जिलों में आंधी, गरज‑चमक और बारिश की संभावना है। इमिडी ने इन तीन दिनों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है और बताया कि तेज़ हवाओं के साथ साथ गड़गड़ाहट और विजली की संभावना भी अधिक रहेगी।
विक्षोभ की गति तेज़ी से बढ़ रही है और उत्तरी मध्य प्रदेश के सागर, रीवा, संत कबीर नगर, झाबुआ, सड़हरपुर, इंदौर, उज्जैन, शहादत, ग्वालियर और सतना सहित कई जिलों में शाम‑शाम तक घना बादल छा सकता है। इस दौरान स्थानीय मौसम विभाग ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में 20‑30 mm तक की हल्की‑मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ पहाड़ी हिस्सों में 50‑70 mm तक तीव्र वर्षा का खतरा बना है।
हवा की गति 30‑45 km/h तक पहुँच सकती है और कुछ स्थानों पर झड़प वाले पेड़ों के गिरने, अस्थायी विद्युत कटौती और फसल के नुकसान का जोखिम बढ़ सकता है। इमिडी ने किसानों, यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को सलाह दी है कि वे मौसम परिवर्तन के अनुसार कार्य योजनाएँ बनाएँ, जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करें और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएँ।
जिला स्तर पर अधिकारी चेतावनी जारी कर रहे हैं कि कोई भी निर्माण कार्य, खुले में ईंधन भंडारण या बाहरी बड़े कार्यक्रम बिना पूर्व अनुमति के नहीं आयोजित किए जाएँ। साथ ही, ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिस को विशेष दिशा‑निर्देश दिए गए हैं।
समग्र रूप से, इस मौसम परिवर्तन से मध्य प्रदेश के उत्तरी और मध्य भाग में अस्थायी असुविधा उत्पन्न हो सकती है, परन्तु समय पर सतर्कता और उचित तैयारी से प्रभाव को न्यूनतम रखा जा सकता है। इमिडी ने कहा कि आगे के मौसम अपडेट्स के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप्प की जाँच करें।
