
वॉशिंगटन, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीस में कार्यरत अमेरिकी राजदूत किम्बरली गिल्फॉयल को पद से हटाने का आधिकारिक आदेश जारी किया है। यह कदम उस आरोप के बाद आया है कि गिल्फॉयल ने एक प्रमुख रिपब्लिकन दानदाता से लगभग एक लाख डॉलर की धनराशि माँगी थी और बदले में उन्हें अमेरिकी प्रशासन तक पहुँच का वादा किया था।
राजदूत गिल्फॉयल के पद से हटाने की घोषणा से पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने इस मामले की गहराई से जांच करने का इशारा दिया था। एक वरिष्ठ विभागीय अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान कई ईमेल और वित्तीय दस्तावेज़ों की समीक्षा की गई, जिनमें गिल्फॉयल और दानदाता के बीच हुई संभावित अनुबंधित बातचीत के संकेत मिले।
संबंधित दानदाता, जिसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया, ने रिपोर्टों के अनुसार गिल्फॉयल को अपना राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के लिए अमेरिकी प्रशासन के उच्च स्तर पर संपर्क स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। दानदाता का कहना था कि वह इस तरह की सुविधा के बदले में आर्थिक मदद की उम्मीद रखता था। गिल्फॉयल ने इन आरोपों को सख़्ती से खारिज कर कहा कि वह कभी भी किसी भी प्रकार की रिश्वत या अनुचित लाभ नहीं लेती।
इस घटना पर व्हाइट हाउस ने टिप्पणी नहीं की, लेकिन एक प्रवक्ता ने कहा कि “राष्ट्रपति ट्रम्प की विदेश नीति में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जाती है, और किसी भी अनैतिक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” ग्रीस में अमेरिकी दूतावास ने भी इस निर्णय को स्वीकार किया और गिल्फॉयल के कार्यकाल के दौरान की गई सभी कूटनीतिक गतिविधियों को सुगमता से जारी रखने का आश्वासन दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ट्रम्प प्रशासन की आंतरिक भ्रष्टाचार से लड़ने की इच्छा को दर्शाता है, जबकि विपक्षी पक्ष इस घटना को राष्ट्रपति के चुनावी रणनीति के हिस्से के रूप में देख रहा है। इस बीच, अमेरिकी कांग्रेस ने भी इस मामले की पूर्ण जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी अनैतिक प्रथाओं को रोका जा सके।
