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अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क में तिरंगा लाने की अपील की |

अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क में तिरंगा लाने की अपील की |

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख कार्यकर्ता और आंदोलन के प्रमुख नेता अभिजीत दीपके ने आज एक सार्वजनिक अपील जारी की है, जिसमें उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे 16 अक्टूबर को शाम के समय कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में एकत्र हों। इस सभा का मुख्य उद्देश्य एक साथ तिरंगा लाना और राष्ट्रीय भावना को प्रज्वलित करना बताया गया है। इस अपील को जारी करने के दौरान दीपके ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम सभी को इस अवसर पर एकत्र होकर हमारे राष्ट्र के प्रतीक तिरंगे को सम्मानित करने का संदेश देना चाहिए। यह सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारे संकल्प और एकता का परिचायक है।” उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी लोग शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहें। बयान को आगे बढ़ाते हुए सीजेपी प्रवक्ता सौर ने कहा कि यह इकट्ठा हो...
भारत में वामपंथी वैचारिकी, विश्वविद्यालयी आंदोलन और नक्सली समर्थन

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लेख
शहर, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star Newsभारत का लोकतंत्र अपनी विविधता, मतभिन्नता और खुली बहस की परंपरा के कारण विश्व में विशिष्ट रहा है। किंतु पिछले दो दशकों में एक ऐसी वैचारिक धारा विकसित हुई है, जिसने विश्वविद्यालयों, वामपंथी छात्र संगठनों, शहरी बुद्धिजीवी समूहों और माओवादी हिंसा को व्यापक वैचारिक सूत्र में पिरो दिया है। यह विमर्श केवल छात्र-राजनीति या असहमति तक सीमित नहीं; यह राज्य-विरोध, पहचान की राजनीति, ‘क्रांतिकारी प्रतिरोध’ की संस्कृति और अंततः माओवादी सशस्त्र संघर्ष तक फैला सुनियोजित नैरेटिव बन चुका है। सबसे स्पष्ट उदाहरण दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय- जेएनयू और जामिया मिल्लिया इस्लामिया तथा हैदराबाद एवं कलकत्ता विश्वविद्यालय हैं, जहाँ विमर्श का झुकाव धीरे-धीरे राष्ट्रीय दृष्टिकोण से हटकर एक प्रकार के वैचारिक अराजकवाद की ओर दिखाई देता है। जेएनयू में एसएफआई, एआईएसए, डी...