
कोंडागांव, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। जिले के सबसे दूरस्थ बस्तर बुडरा गांव में गुरुवार सुबह लगभग पाँच बजे, घर के आंगन में आग जलाकर मक्का छीलते हुए एक परिवार पर तेंदू ने अचानक हमला कर दिया। इस प्रकोप में परिवार के मुखिया देवलाल वट्टी सहित कुल पाँच लोग घायल हुए। घायलों में दो महिलाएँ भी शामिल हैं, जिनमें रमशीला मंडावी शामिल हैं, जिन्हें छह माह की गर्भावस्था बताई जा रही है।
घटना के तुरंत बाद सभी घायल को उपचार के लिये विश्रामपुरी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। उनमें से एक युवक की स्थिति गंभीर रही, इसलिए उसे बेहतर देखभाल के लिये कांकेर रेफ़र किया गया है। इस घटना के बाद वन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर सक्रिय हो गई है और ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने व अकेले घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। वन्यजीव की किसी भी गतिविधि के संकेत मिलने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करने को कहा गया।
गांव में तेंदू की उपस्थिति को लेकर भय का माहौल बना हुआ है। केशकाल वनमंडल की डीएफओ दिव्या गौतम ने बताया कि तेंदू के हमले की सूचना मिलते ही विभाग की टीम सक्रिय हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों को लगातार मुनादी के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है। वर्तमान में केशकाल वनमंडल की संयुक्त टीम तेंदू को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू करने के लिये अभियान चला रही है और क्षेत्र में निरन्तर निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्यजीवों के संभावित खतरे को लेकर सतर्क रहें, अकेले बाहर न निकलें और किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें, ताकि आगे ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोका जा सके।
