
रांची, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। रांची स्थित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव स्कूल (जिला स्कूल) तथा उसके छात्रावास की जर्जर स्थिति पर हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्कूल की वर्तमान स्थिति दर्शाने वाली तस्वीरें देखी और मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा संस्थान अपने नाम के अनुरूप बेहतर होना चाहिए था, परन्तु भवन और छात्रावास की हालत “पीड़ादायक” है।
मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक के अध्यक्षत्व वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 28 अक्टूबर तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। रिपोर्ट में नवीनीकरण कार्य की प्रगति, अनुमानित लागत, और बाधाओं का उल्लेख अनिवार्य है। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 29 नवंबर निश्चित की है, ताकि रिपोर्ट के आधार पर आगे के निर्देश जारी किए जा सकें।
इस मामले को लेकर पहले भी मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने एक स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित खबर को स्वत: संज्ञान में लेते हुए इसे जनहित याचिका में बदल दिया था। उस खबर में बताया गया था कि स्कूल भवन के जीर्णोद्धार हेतु फाइल कई सालों से अटकी हुई है, जबकि छात्रावास की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 100 विद्यार्थी जर्जर इमारत में रहने के लिए मजबूर हैं। छात्रावास में लगातार दीवारों से पानी का रिसाव, नमी और गंदगी के कारण दीवारों का रंग फीका पड़ चुका है, कई कमरों की छत क्षतिग्रस्त है और कहीं‑कहीं प्लास्टर ढीला पड़ रहा है। ऐसे माहौल में छात्रों को लगातार छत के गिरने का डर सताता रहता है, जिससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उच्च न्यायालय ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल उपायों की मांग की है और कहा है कि राज्य सरकार को स्कूल के नवीनीकरण कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया जा सके।
