
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके और अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में कहा कि चुनाव अधिकारों के लिये उनका संघर्ष किसी एक व्यक्ति या किसी राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है; यह उन गरीब नागरिकों के लिये है जिनका नाम मतदाता सूची से हटाया गया है।
वार्ता प्रेस क्लब में हुई, जहाँ नेहा बोरा के भाषण के बाद भी भीड़ में हंगामा हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, फिल्म अभिनेता प्रकाश राज तथा विभिन्न वामपंथी छात्र नेता‑कार्यक्षेत्री उपस्थित थे।
बोरा ने कहा, “लगभग 13 करोड़ लोग मतदाता सूची से बाहर कर दिए गये हैं, इसलिए यह आंदोलन किसी विशेष बैनर या झंडे तक सीमित नहीं है; यह हिंदुस्तान के आम व गरीब घरों में जीवित है। यह आंदोलन कर्नाटक के फ्रीडम पार्क, दिल्ली के जंतर‑मंतर, मुंबई के आज़ाद मैदान जैसी जगहों पर भी जारी है।”
उन्होंने सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में डालने की निंदा की, कहकर कि “आपने केवल दो नेताओं को नहीं, बल्कि पूरे देश के वोटिंग अधिकार की आवाज़ को जेल में बंद कर दिया है। पुलिस की दमनकारी कार्रवाई से यह आंदोलन नहीं रुकेगा।”
दीपके ने दिल्ली में पुलिस की भारी तैनाती और प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 10‑15 दिन में छात्रों, युवा संगठनों, विपक्षी नेताओं व ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, पिनाराई विजयन जैसे पूर्वमुख्यमंत्रियों को सड़कों पर धकेला गया है।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सब कुछ ज्ञानेश कुमार के लिए हो रहा है, क्योंकि 10 अक्टूबर के आह्वान के बाद रेलवे व दिल्ली मेट्रो बंद कर दी गई, जम्मू‑कश्मीर से सुरक्षा बल बुलाकर दिल्ली को “भारत‑पाकिस्तान सीमा” जैसा बना दिया गया।
अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार विपक्ष को सत्ता परिवर्तन का आरोप लगा रही है, जबकि विपक्ष का वास्तविक लक्ष्य चुनाव प्रक्रिया को सुधारा है। यदि इस तरह की “बर्बरता” जारी रही तो सत्ता परिवर्तन अनिवार्य होगा।
अभिनेता प्रकाश राज ने बताया कि अब 200 से अधिक किसान, श्रमिक संघ, सिविल सोसाइटी एवं युवा संगठनों ने इस लड़ाई में हाथ बंटा दिया है। वे “सरकार जंतर‑मंतर को छूमंत्र (गायब) करने की कोशिश कर रही है, पर हम इसे नहीं होने देंगे” कहकर एक स्वतंत्र कमेटी की स्थापना का जिक्र किया, जिसमें पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त जज भी शामिल हैं। कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना व दिल्ली से आए 100 से अधिक लोग जवाहर भवन में इस कमेटी के सामने सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कर रहे हैं।
प्रकाश राज ने ज्ञानेश कुमार पर सबूत मिटाने का आरोप लगाते हुए उसकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की तथा पुलिस द्वारा छात्रों, महिलाओं व मीडिया पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि “देश की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता, और यदि सरकार को हिम्मत है तो मीडिया के सामने आकर सवालों के जवाब दें।”
पिछले कई दिनों से विपक्षी दल, सीजेपी व छात्र संघ सहित विभिन्न संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे व एसआईआर प्रक्रिया को रोकने की मांग में विरोध प्रदर्शन किया।
