
श्रीनगर, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बुधवार की सुबह कश्मीर के ऊँचे इलाकों में अचानक ताज़ा बर्फबारी हुई, जिससे कई पहाड़ी क्षेत्रों को घना बर्फ की चादर मिल गया। इस बर्फबारी के कारण बर्फ के थर का मोटाई कई मीटर तक पहुँचने की संभावना जताई गई है, जिससे स्थानीय आबादी और पर्यटक दोनों को अत्यधिक ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
इसी समय, निचले स्तरों में स्थित मैदानी क्षेत्रों में रात भर लगातार बारिश हुई, जिसके बाद मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में फिर से बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग ने बताया कि इस बारिश के साथ हल्की बर्फबारी के अवसर भी हो सकते हैं, विशेषकर उन इलाकों में जहाँ अभी तक बर्फ नहीं पड़ी है।
मौसम विज्ञानियों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण वायुमंडलीय दबाव में असामान्य गिरावट आई है, जिससे ठंडी हवा तीव्र गति से पहाड़ी क्षेत्रों की ओर चल रही है। इस प्रक्रिया में वायुमंडलीय नमी के साथ ठंडी हवा मिलकर बर्फबारी के रूप में गिरती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि बर्फ की चादर के नीचे सड़कें फिसलनभरी हो सकती हैं और वाहन चालकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत कार्यों को तेज करने का निर्देश दिया है। पहाड़ी गांवों में बिजली और पानी की आपूर्ति में बाधा न आए, इसके लिए आपातकालीन टीमें तैनात की गई हैं। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त कपड़े और गर्मी के उपायों की सलाह दी है, ताकि शीत रोगों का प्रकोप न हो।
सारांश में, इस बुधवार को कश्मीर के ऊँचे इलाकों में बर्फ की नई परत जमा हो गई है, जबकि मैदानी भाग में लगातार बारिश जारी रहेगी। नागरिकों से अनुरोध है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें और अत्यधिक ठंड तथा बर्फीले रास्तों से जुड़ी संभावित जोखिमों से सावधान रहें।
