
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली पुलिस ने एसीपी विवेक भगत की लिखित शिकायत के आधार पर संसद स्ट्रीट थाने में यूट्यूबर रोजी, गजेंद्र तथा एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि 3 अक्टूबर को इन तीनों ने चुनाव आयोग के प्रति झूठी और मानहानी भरी बातें फैलाकर सशस्त्र बलों एवं अनुसूचित जाति‑अनुसूचित जनजाति (एससी‑एसटी) समुदाय को अपमानित किया।
एफआईआर में बताया गया है कि यूट्यूब पर प्रकाशित वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में उक्त व्यक्तियों ने चुनाव आयोग के निर्णयों को “भ्रष्ट” और “भेदभावपूर्ण” कहकर वर्णित किया तथा एससी‑एसटी समुदाय के प्रति आपत्तिजनक अभिप्राय व्यक्त किए। ऐसी सामग्री को SC‑ST (Prevention of Atrocities) Act, 1989 की धारा 3(1) के तहत “आतंकवादी” माना गया है, जिसके कारण पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
एसीपी विवेक भगत ने शिकायत में कहा कि ऐसी झूठी जानकारी न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि अनुसूचित समुदाय के लोगों को भी सामाजिक दाग‑धब्बा लगाती है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कानून के तहत किसी भी प्रकार की अपमानजनक सामग्री को दंडनीय माना जाएगा और न्यायालय के समक्ष लाया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद जांच शुरू की गई है और संबंधित यूट्यूब चैनलों तथा सोशल मीडिया खातों की तकनीकी जाँच की जा रही है। यदि इन पर दुरुपयोग सिद्ध हुआ तो आरोपी पर जुर्माना, कैद या दोनों की सजा हो सकती है। इस बीच, यूट्यूब प्लेटफ़ॉर्म से भी संबंधित वीडियो को हटाने की मांग की गई है।
सम्पूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता पुलिस ने दोहराई, जबकि सार्वजनिक मंचों पर संवेदनशील मुद्दों को लेकर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक अभिव्यक्ति को कड़ी सजा दिलाने की बात कही।
