
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली मंत्रिमंडल ने आज दिल्ली औद्योगिक नीति‑2026 को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। यह नीति दस वर्षों की अवधि के लिये तैयार की गई है और इसका मुख्य उद्देश्य राजधानी को स्वच्छ, ज्ञान आधारित तथा उच्च तकनीक वाले औद्योगिक केंद्र में परिवर्तित करना है।
पिछले कुछ महीनों में नीति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चाएँ और विशेषज्ञों से परामर्श किया गया था। नीति दस्तावेज़ में स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने, इलेक्ट्रॉनिक‑मैन्युफैक्चरिंग, जैव‑प्रौद्योगिकी, क्लीन‑टेक और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये कई प्रोत्साहन उपायों का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही, मौजूदा औद्योगिक पार्कों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) के आधुनिकीकरण के लिये विस्तृत योजना तैयार की गई है, जिससे रोजगार सृजन और राजस्व में वृद्धि की अपेक्षा की जा रही है।
इस ही बैठक में 1,000 करोड़ रुपये की मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना को भी स्वीकृति मिली। यह योजना छोटे एवं मध्यम उद्यम (SME) के विकास, तकनीकी उन्नति और बाजार तक पहुँच बढ़ाने के लिये विशेष वित्तीय सहायता, सब्सिडी और ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करेगी। योजना के तहत चयनित उद्यमों को उत्पाद नवाचार, निर्यात प्रोत्साहन और कौशल प्रशिक्षण के लिये अतिरिक्त सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
मंत्रिमंडल के एक सदस्य ने कहा कि “यह नीति दिल्ली को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए आकर्षक मंच बनाने में सहायक होगी, जबकि उद्यमश्री योजना हमारे स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाने का एक ठोस कदम है।”
सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे नीति के कार्यान्वयन हेतु आवश्यक कार्य योजनाएँ तैयार करें और अगले तीन महीनों में पहले चरण की शुरुआत करें। इस पहल से दिल्ली की आर्थिक वृद्धि में नई गति मिलने और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
