
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज एक महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय लिया, जिसमें भारतीय रेलवे के 11.40 लाख अराजपत्रित कर्मचारियों को 78 दिन के उत्पादकता आधारित बोनस प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। यह बोनस विशेष रूप से दीपावली के अवसर पर दिया जाएगा और इसका कुल खर्च अनुमानित 2,009.61 करोड़ रुपये रहेगा।
रिपोर्टों के अनुसार, इस बोनस की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुए मंत्रिमंडल मीटिंग में की गई। बैठक में सभी संबंधित मंत्रालयों ने इस योजना के वित्तीय पहलुओं और कार्यान्वयन प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह बोनस न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि उनके कार्य‑प्रेरणा और उत्पादकता में भी सकारात्मक योगदान देगा।
उत्पादकता आधारित बोनस का सिद्धांत यह है कि कर्मचारियों को उनके कार्य प्रदर्शन और उपलब्धियों के आधार पर अतिरिक्त वेतन प्रदान किया जाए, जिससे संस्थागत दक्षता में सुधार हो। रेलवे के अराजपत्रित कर्मचारियों की संख्या 11.40 लाख तक पहुँच गई है, और इस वर्ग को लक्षित करके इस प्रकार का व्यापक बोनस योजना बनाना सरकार की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वित्त मंत्रालय ने इस योजना के लिए आवश्यक निधि आवंटित करने की पुष्टि की और कहा कि राशि को समय पर वितरित करने के लिए सभी आवश्यक वित्तीय तंत्र सक्रिय किए जाएंगे। इस बोनस के भुगतान के बाद, रेलवे विभाग को अपेक्षा है कि कर्मचारियों की मनोस्थिति में सुधार होगा और सेवा गुणवत्ता में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
अंत में, मंत्रिमंडल ने इस निर्णय को एक रणनीतिक कदम के रूप में वर्णित किया, जो राष्ट्रीय आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशन दोनों को साथ लेकर चलता है। इस प्रकार, 78‑दिनी दीपावली बोनस के माध्यम से सरकार ने रेलवे के अराजपत्रित कर्मचारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।
