
भोपाल, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के विशेष अवसर को मनाने हेतु भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वंदे मातरम् युवा शिविर 2026–27 ने अपने तीसरे दिन, अर्थात् बुधवार को, विविध विषयों पर गहन मार्गदर्शन सत्रों का सफलतापूर्वक संचालन किया। इस सत्र में प्रतिभागियों को डिजिटल डिटॉक्स, नशामुक्ति, नेतृत्व विकास और महिला सशक्तिकरण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी एवं व्यावहारिक उपाय प्रदान किए गये।
शिविर की समिति के अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष का शिविर विशेष रूप से युवा वर्ग को तकनीकी निर्भरता से बाहर निकलने, नशे की लत को तोड़ने और सामाजिक नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।”
डिजिटल डिटॉक्स सत्र में विशेषज्ञों ने स्क्रीन टाइम कम करने, सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के तरीकों पर प्रकाश डाला। नशामुक्ति कार्यशाला में पुनर्वास केंद्रों के प्रतिनिधियों ने नशे की लत के शारीरिक एवं मानसिक प्रभावों को समझाते हुए, उपचार और पुनर्वास के चरणों को विस्तार से समझाया।
नेतृत्व विकास पर आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागियों को टीम निर्माण, प्रभावी संचार और निर्णय‑लेने की क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न समूह गतिविधियों और रोल‑प्ले का अनुभव कराया गया। महिला सशक्तिकरण सत्र में महिला उद्यमियों ने सफल व्यवसाय मॉडल, वित्तीय स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर प्रेरक कहानियाँ साझा कीं, जिससे महिलाओं को अपने अधिकारों और संभावनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
इन सभी सत्रों को सफल बनाने में IIFM के प्राध्यापकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सरकारी अधिकारीयों की सक्रिय भागीदारी रही। प्रतिभागियों ने इस मंच को “युवा शक्ति का सशक्तिकरण” कहकर सराहा और आगे भी ऐसे कार्यक्रमों की कामना व्यक्त की। इस प्रकार राष्ट्रीय वंदे मातरम् युवा शिविर ने अपने मूल उद्देश्यों को साकार करते हुए, भारतीय युवाओं को डिजिटल, सामाजिक एवं नेतृत्वात्मक चुनौतियों के लिए तैयार किया।
