
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (हिंदुस्तान समाचार) — प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने एक सार्वजनिक भाषण में स्पष्ट किया कि भारत का शासन मॉडल अब केवल कल्याणकारी सहायता तक सीमित नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य नागरिकों को सशक्त बनाकर उन्हें राष्ट्रीय विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना है। इस दिशा में कई प्रमुख पहलें चल रही हैं, जिनमें स्वच्छता अभियान और रसोई गैस कनेक्शन कार्यक्रम प्रमुख हैं।
मोदी ने बताया कि स्वच्छता के क्षेत्र में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में खुले शौचालयों को समाप्त करने में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही, उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत लाखों गरीब परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन प्रदान करने का उल्लेख किया, जिसे उन्होंने ‘घर-घर में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा’ के रूप में वर्णित किया।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सशक्तिकरण का मतलब केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता और रोजगार सृजन के माध्यम से नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने विभिन्न राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर लागू की जा रही योजनाओं का हवाला देते हुए कहा, “जब हम प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों और कर्तव्यों की पूरी जानकारी प्रदान करते हैं, तो वह स्वयं विकास की गति को तेज़ कर सकता है।”
भविष्य की योजना में प्रधानमंत्री ने कृषि, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में अधिक निवेश की घोषणा की, जिससे हर भारतीय को समृद्धि के समान अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का दृष्टिकोण सतत विकास को सुनिश्चित करना और सभी वर्गों को समान रूप से प्रगति में शामिल करना है। अंत में, मोदी ने सभी भारतीय नागरिकों से अपील की कि वे इन पहलों में सक्रिय रूप से भाग लें और एक सशक्त, समृद्ध और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
